केरल की मावेलिक्करा अतिरिक्त सत्र अदालत ने एबीवीपी कार्यकर्ता विशाल की 2012 में हुई हत्या के मामले में सभी 20 आरोपियों को बरी कर दिया। आरोपियों पर कैंपस फ्रंट से जुड़े होने का आरोप था। फैसले को निराशाजनक बताते हुए एबीवीपी ने केरल हाईकोर्ट में चुनौती देने का एलान किया।
केरल की एक अदालत ने मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक कार्यकर्ता की हत्या के 13 साल पुराने मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। ये आरोपी कथित तौर पर कैंपस फ्रंट से जुड़े बताए गए थे। यह फैसला मावेलिक्करा की अतिरिक्त सत्र अदालत ने सुनाया। ऐसे में अदालत के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एबीवीपी ने कहा कि यह फैसला निराशाजनक है और संगठन इस आदेश को केरल हाईकोर्ट में चुनौती देगा।
सरकारी वकील (प्रोसिक्यूशन) के अनुसार, विशाल नाम का एक एबीवीपी कार्यकर्ता 16 जुलाई 2012 को केरल के चेंगन्नूर स्थित एक सहायता प्राप्त कॉलेज में आया था। वहां नए अंडरग्रेजुएट छात्रों के स्वागत के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आरोप था कि उसी दौरान कैंपस फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने पहले से योजना बनाकर हमला किया और विशाल पर चाकू से वार किया।