केन-बेतवा नदियों को जोड़ने की परियोजना के कारण करीब 7.2 लाख पेड़ और 90 वर्ग किलोमीटर में फैले पन्ना बाघ अभयारण्य के डूब जाने की आशंका है। एक आधिकारिक रिपोर्ट में इस आशय की जानकारी दी गई है। इस नाजुक और विशेष कुदरती ठिकाने के डूब जाने से वन्य जीवों के प्रजनन स्थल का भी नुकसान होगा।
इस परियोजना पर करीब 9000 करोड़ की लागत आएगी। केन बेतवा परियोजना से 13.42 लोगों को पेयजल मुहैया कराया जाएगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में आने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र के 6.75 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्डलाइफ की स्थायी समिति ने केन बेतवा नदी जोड़ पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रस्तावित जलप्लावित क्षेत्र के दायरे में पूरा वन क्षेत्र आ जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के धौदान गांव में एक डैम का निर्माण होना है।