अरविंद केजरीवाल ने रविवार को भाजपा के खिलाफ बड़े प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। उनका कहना था कि भाजपा उनके एक-एक नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज रही है। इस तरह वह उनकी पार्टी को समाप्त करने की योजना बना रही है। प्रदर्शन के पहले उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया। लेकिन एक बार फिर वे स्वाति मालीवाल के उस विवाद पर कुछ नहीं बोले, जो इस समय पार्टी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। हालांकि, केजरीवाल की चुप्पी के बाद भी स्वाति मालीवाल विवाद लगातार अरविंद केजरीवाल, बिभव कुमार और अन्य आम आदमी पार्टी नेताओं का लगातार पीछा कर रहा है, जो आने वाले समय में आप नेताओं की परेशानी बढ़ा सकता है।
प्रदर्शन के समय आप सांसदों, विधायकों, पार्षदों और अन्य नेताओं ने भाजपा कार्यालय की तरफ मार्च करना शुरू किया, लेकिन वे आम आदमी पार्टी कार्यालय से दस मीटर की दूरी भी तय नहीं कर पाए। दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी कार्यालय के ठीक बाहर भाजपा कार्यालय जाने वाले रास्ते पर राउज एवेन्यू अदालत के पहले ही बैरिकेडिंग कर रखी थी। दिल्ली पुलिस ने क्षेत्र में धारा 144 लगाने की घोषणा के साथ ही आप नेताओं से आगे न बढ़ने की अपील की। अरविंद केजरीवाल ने पहले ही अपने कार्यकर्ताओं को यह कह रखा था कि वे उस स्थल से आगे नहीं जाएंगे, जहां तक पुलिस उन्हें जाने देगी। इस तरह आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन 'अपने घर से शुरु होकर अपने घर' तक ही सिमट कर रह गया। हालांकि, आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता इसे लगातार केंद्र सरकार और भाजपा की तानाशाही करार दे रहे थे।
अरविंद केजरीवाल ने इस प्रदर्शन के बाद एक बार फिर अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई और प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा ने 'हार' मान ली है। लेकिन उनकी लड़ाई जारी रहेगी, क्योंकि भाजपा आने वाले समय में उनकी पार्टी को समाप्त करने के लिए उनके दूसरे नेताओं को गिरफ्तार करने और उन्हें जेल भेजने की कोशिश करेगी।
उन्होंने आम आदमी पार्टी नेताओं के सामने पार्टी फंड को सीज किए जाने की आशंका भी जताई। उनकी यह आशंका शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी को आरोपी बनाने के कारण पैदा हुआ हो सकता है। यदि ऐसा हुआ तो फरवरी 2025 में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के भविष्य को लेकर नए प्रश्न खड़े हो जाएंगे।
स्वाति विवाद के जिन्न ने भी घेरा
केजरीवाल की चुप्पी के बाद भी माना जा रहा है कि स्वाति मालीवाल विवाद में भी उनकी परेशानियां बढ़ सकती हैं। स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल के कहने पर ही बिभव कुमार ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की थी। ऐसे में यदि घटना घटने के समय के आसपास अरविंद केजरीवाल और बिभव कुमार के बीच बातचीत के साक्ष्य मिल जाते हैं, तो जांच एजेंसी इसे एक साक्ष्य के तौर पर पेश कर सकती है। बिभव कुमार के फोन का डाटा पाने की कोशिश करने के पीछे जांच एजेंसी की यही मंशा साफ दिखाई देती है।
अभिषेक मनु सिंघवी को राज्यसभा भेजने के लिए हो रहा ड्रामा- भाजपा
स्वाति मालीवाल विवाद के पीछे आम आदमी पार्टी ने भाजपा की साजिश होने की बात कही है। लेकिन भाजपा ने यह कहते हुए पलटवार किया है कि आम आदमी पार्टी अभिषेक मनु सिंघवी को राज्यसभा भेजने के लिए स्वाति मालीवाल को निशाने पर लिया है, जिससे वे अपनी राज्यसभा सदस्यता छोड़ दें, तो पार्टी सिंघवी को उच्च सदन में भेज सके।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने रविवार को कहा कि आम आदमी पार्टी का रविवार को किया गया प्रदर्शन एक ड्रामा था। उन्होंने कहा कि केजरीवाल जिसे झांसी की रानी बुलाते थे, अब उसके साथ उन्हीं के कार्यालय में अभद्रता हुई, लेकिन इस दुर्व्यवहार पर वे एक शब्द नहीं बोल रहे। यही दिखाता है कि केजरीवाल की अपनी सोच में कितना दोमुंहापन है।
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल और उनके प्रवक्ता स्वाति मालीवाल मामले में भाजपा का हाथ बता रहे हैं, लेकिन इस पूरी घटना में आम आदमी पार्टी के ही लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पीटने वाला और पिटाई से पीड़ित, घटनास्थल और शिकायतकर्ता और गवाह सब कुछ आम आदमी पार्टी से जुड़ा हुआ है। इसके बाद भी यदि वे इस हिंसा के लिए भाजपा को दोषी ठहराते हैं तो इसे