पाकिस्तान के साथ चल रही तनातनी से दोनों देशों के बीत खेल भी तकरीबन ठप्प हैं। सीमा पर पाक की जारी नापाक हरकतों के चलते भारत सरकार ने उसे अंतर्राष्ट्रीय पटल पर अलग-थलग करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। ऐसे में बीसीसीआई ने भी भारत सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए क्रिकेट के मैदान में भा पाकिस्तान को अलग-थलग करने का मन बना लिया है। बीसीसीआई ने आईसीसी से कहा है कि वह किसी भी अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान की टीमों को एक ग्रुप में न रखे। ऐसे में क्रिकेट के दीवानों के रोमांच में खलल पड़ना लाजिमी है।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के लिए भारत और पाकिस्तान को अलग-अलग ग्रुप में रखने से टूर्नामेंट का रोमांच कम होगा, ऐसा ज्यादातर लोगों ने बयां भी किया है। दरअसल, बीसीसीआई की आईसीसी से भारत-पाक की टीमों के एक ग्रुप में न रखने की गुजारिश के बाद अमर उजाला ने पोल कराया था। पोल में सवाल पूछा गया था कि क्या भारत-पाकिस्तान को अलग-अलग ग्रुप में रखने से टूर्नामेंट का रोमांच खत्म हो सकता है? इस पर पाठकों ने बढ़चढ़ कर अपनी प्रतिक्रिया दी।
पोल के मुताबिक 53.9 फीसदी पाठकों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान को अलग-अलग ग्रुप में रखने से टूर्नामेंट का रोमांच खत्म हो जाएगा। वहीं 43.21 फीसदी लोगों ने कहा कि भारत-पाकिस्तान की टीमों को अलग-अलग ग्रुप में रखने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। टूर्नामेंट का रोमांच बरकरार रहेगा।
वहीं, 2.88 फीसदी लोगों ने कहा कि कह नहीं सकते कि ऐसे फैसले से क्या फर्क पड़ेगा। अमर उजाला के इस पोल में शाम पांच बजे तक कुल 2881 पाठकों ने हिस्सा लिया।