चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर उठे सवालों की जानकारी प्रधानमंत्री को भी है।
कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद वेणुगोपाल और पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वेणुगोपाल ने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज और कुछ फैसलों को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा है। उनके मुताबिक, ऐसे में प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें। वेणुगोपाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की राय है कि इन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री मोदी को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। यह कांग्रेस का राजनीतिक आरोप है, कोई न्यायिक निष्कर्ष नहीं।
राहुल गांधी की 'वोट चोरी' मुहिम की तारीफ
कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी की ‘वोट चोरी’ मुहिम का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी पिछले 18-19 महीनों से चुनाव व्यवस्था और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को उठाते रहे हैं। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि ईवीएम और मतदाता सूची में गड़बड़ी कर भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों के बीच कहा है कि SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का एलान
वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े इन मुद्दों के खिलाफ देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस आंदोलन को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि करीब ढाई घंटे चली सीडब्ल्यूसी बैठक में चुनाव आयोग के कामकाज, मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। उनके मुताबिक, बैठक में सीडब्ल्यूसी के 68 सदस्यों ने हिस्सा लिया।
बुधवार को विपक्षी दलों की बैठक
कांग्रेस ने बताया कि बुधवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की बैठक होगी। इसमें चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी बैठक में भी चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर आगे की कार्रवाई पर चर्चा हुई है।