कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने दावा किया है कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों में मणिपुर और उत्तराखंड में भारी बहुमत हासिल कर भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देगी। हाल ही में दोनों राज्यों के नेताओं के साथ पार्टी की उच्चस्तरीय बैठक हुई है।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
मणिपुर और उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी मणिपुर और उत्तराखंड से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर कर देगी। उन्होंने दावा किया कि दोनों राज्यों में कांग्रेस भारी बहुमत हासिल करेगी। वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को हुई रैली में दिखा जनाक्रोश भाजपा सरकारों के खिलाफ बढ़ती सत्ता विरोधी लहर की झलक है।
वेणुगोपाल ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली में मणिपुर और उत्तराखंड के पार्टी प्रभारियों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्षों और कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान दोनों राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई।
विज्ञापन
मणिपुर में जातीय संघर्ष को लेकर क्या बोली कांग्रेस?
मणिपुर की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के शासन में जातीय संघर्ष जारी है। उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचार, नफरत, जमीन पर कब्जे और कुशासन को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मणिपुर अभी भी जातीय संघर्ष की आग में जल रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य की दोनों सीटों पर जनता ने भाजपा को नकारा था और अब लोग उसे पूरी तरह सत्ता से हटाना चाहते हैं।
उत्तराखंड में मंदिरों और जमीन के कौन से मुद्दे उठाए?
कांग्रेस महासचिव ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने धार्मिक संस्थानों में कथित भ्रष्टाचार और पहाड़ों की जमीन कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपे जाने का मुद्दा उठाया। वेणुगोपाल ने आरोप कि उत्तराखंड के मंदिर भी अब चंदा चोरी से अछूते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विशाल पर्वतीय क्षेत्रों को कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपा जा रहा है, जबकि प्रकृति की ओर से ऐसे विनाशकारी कदमों के लिए लगातार चेतावनी मिल रही है। इस दौरान उन्होंने राज्य के युवाओं और महिलाओं के साथ अन्याय होने का आरोप लगाते हुए भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक और अंकिता भंडारी मामले में न्याय की स्थिति पर भी सवाल उठाए।