कांग्रेस ने 2019 लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच का ऐलान किया है। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 48 सीटों पर ऑडिट होगा, जहां इंडिया गठबंधन 50 हजार से कम वोटों से हारा। उन्होंने भाजपा पर धांधली से सत्ता में आने का आरोप लगाया और चुनाव आयोग पर कार्रवाई न करने का आरोप मढ़ा।
कांग्रेस ने 2019 लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच करने का ऐलान किया है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह ऑडिट खासतौर पर उन 48 सीटों पर होगा, जहां इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार 50 हजार से कम वोटों से हारे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सही जनादेश से सत्ता में नहीं आए, बल्कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करके जीत हासिल की गई।
विज्ञापन
वेणुगोपाल ने केरल के अलप्पुझा में पत्रकारों से कहा कि इन 48 सीटों पर मतदाता सूची का गहराई से ऑडिट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो ‘चुनावी धोखाधड़ी’ के सबूत पेश किए हैं, उससे साफ है कि चुनाव में गंभीर गड़बड़ियां हुईं। गांधी ने कर्नाटक की एक सीट का उदाहरण देकर आरोप लगाया था कि यह ‘संविधान के खिलाफ अपराध’ है।
ईसी से टकराव तेज
कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने राहुल गांधी से उन मतदाताओं के नाम और हलफनामा मांगा है, जिनके नाम गलत तरीके से मतदाता सूची में जोड़े या हटाए गए थे। लेकिन वेणुगोपाल का आरोप है कि ईसी कार्रवाई करने के बजाय कांग्रेस को डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें डराने की कोशिश मत करो, हम लड़ाई जारी रखेंगे।
दिल्ली में विरोध मार्च
कांग्रेस ने 11 अगस्त को दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय तक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। इसमें पार्टी के सांसद शामिल होंगे। वेणुगोपाल ने दावा किया कि 2019 में भाजपा ने वोटर लिस्ट में हेरफेर कर सत्ता हथियाई और अगर सही जांच हो, तो प्रधानमंत्री मोदी को इस्तीफा देना पड़ेगा।
केरल में भी गड़बड़ी का आरोप
वेणुगोपाल ने कहा कि केरल में भी फर्जी मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया, खासकर त्रिशूर और अलप्पुझा सीटों पर। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से यह साजिश रची गई। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस मतदाता सूची में पारदर्शिता के लिए कानूनी और राजनीतिक लड़ाई दोनों लड़ेगी।