वहीं बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त चेतावनी देते हुए को कहा कि कठुआ कांड में असल चिंता उचित और निष्पक्ष सुनवाई को लेकर है। यदि इसकी निष्पक्ष सुनवाई पर मामूली संदेह भी पाया गया तो मामले को जम्मू कश्मीर की अदालत से बाहर स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह बात बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की समिति की रिपोर्ट दर्ज कराने पर कही थी। बीसीआई समिति ने मामले की सीबीआई जांच कराने की वकील संगठन की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि कठुआ के बार संघ ने पुलिस या वकील की कार्रवाई में किसी तरह का अवरोध पैदा नहीं किया।
रिपोर्ट पाने के बाद शीर्ष अदालत ने कहा कि वह निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए मुख्य मुद्दे से नहीं भटकेगी। पीड़ित के परिवार और आरोपी दोनों के लिए निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए। इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोप पर पीठ ने कहा कि यदि वकील दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।