अब तक अलगाववाद की पहचान रखने वाले कश्मीरी युवक अब देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रवाद की आवाज बुलंद करेंगे। यही नहीं कश्मीरी युवकों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरूवार को महामहिम राष्ट्रपति से मुलाकात कर पीओके को भारत में मिलाने की गुहार लगाएगा। तो प्रतिनिधिमंडल की ओर से इस आशय का ज्ञापन पीएम मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी सौंपा जाएगा।
दरअसल संघ की संस्था मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की अगुवाई में कश्मीरी युवकों के पैदल मार्च का एक आयोजन गुरूवार 14 दिसंबर को दिल्ली में रखा गया है।रामलीला मैदान से पैदल मार्च करते हुए कश्मीरी युवक राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च करेंगे। संघ के राष्ट्रीय अधिकारी इंद्रेश कुमार इस मार्च की शुरूआत करेंगे। शाम को कुछ कश्मीरी युवकों का दल राष्ट्रपति महोदय से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराएगा। इसके लिए इंद्रेश कुमार ने राष्ट्रपति महोदय का समय ले रखा है। वे खुद भी राष्ट्रपति के यहां जाने वाले दल में शामिल रहेंगे।
कश्मीर से हो आतंकवाद का खात्मा
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के खुर्शीद राजाका ने अमर उजाला को बताया कि कश्मीर से आतंकवाद के खात्मे की मांग को लेकर कश्मीरी युवकों का मार्च 14 दिसंबर को आयोजित किया गया है। कश्मीर से आतंकवाद के खात्मे के अलावा हमारी प्रमुख मांग है कि पीओके को भी भारत में शामिल किया जाए।
राजाका का कहना है कि आतंकवाद और पीओके के मामले पर बेवजह की बयानबाजी करने वाले फारूख अबदुल्ला सरीखे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।
पीएम मोदी और गृह मंत्री को देंगे ज्ञापन
पीओके को भारत में जोड़ने और पाक प्रायोजित आतंकवाद को कश्मीर से खत्म करने की मांग को लेकर कश्मीरी युवक पीएम मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन देंगे। जबकि राष्ट्रपति महोदय से मिलकर उनसे व्यक्तिगत गुहार भी लगाएंगे। राजाका के अनुसार कश्मीरी युवा खुद कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आंतकवाद के विरुद्ध अपना रोष प्रकट करेंगे । पाकिस्तान के कब्जे से पीओके को खाली करवाने का संकल्प भी इस मार्च के दौरान लिया जायेगा। सरकार को पीओके के विधानसभा में भी अपने लोग नामित करने चाहिए।