आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बुरहान वानी
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कश्मीर घाटी में अलगाववादी नेतृत्व ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मौत की पहली पुण्यतिथि को लेकर एक सप्ताह से ज्यादा विरोध प्रदर्शन जताने की योजना बनाई है। इसके लिए उन्होंने घाटी के लोगों का आह्वान किया है। बता दें कि बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी चारों तरफ अशांति का माहौल फैल गया था।
इस दौरान अलगाववादियों ने 8 जुलाई को पूरी तरह से बंदी कराने के लिए कहा है। पिछले साल जिस दिन आतंकवादी नेत बुरहान मारा गया था उसी दिन 13 जुलाई, 1931 में श्रीनगर के महाराजा हरि सिंह के शासनकाल के विरोध में 22 कश्मीरी मारे गए थे।
बता दें कि बुरहान की मौत के बाद लंबे समय तक सुरक्षा बलों और अलगाववादियों के बीच संघर्ष चला था, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों ने अपनी गंवाई थी। विरोध प्रदर्शन का आह्वान करने में अलगाववादी कट्टरपंथी सईद अली शाह गिलानी, उदारवादी मीरवाईज उमर फारूक और जेकेएलएफ नेता यासीन मलिक आदि शामिल हैं।
विरोधक नेतृत्व ने लोगों से 9 जुलाई को मारे गए आतंकवादी नेताओं के घरों पर जाने का आग्रह किया है। कश्मीरियों सहित विदेशों में रहने वालों को 11 जुलाई को एक सोशल मीडिया अभियान माउंट करने को भी कहा गया है। इस दौरान 10 दिन के लिए कश्मीर के शिक्षण संस्थान बंद किए गए हैं। बता दें कि बुरहान बीती आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के एनकाउंटर में मारा गया था। बीते साल सरकार ने स्कूलों में एक जुलाई से 17 जुलाई तक गर्मी का अवकाश घोषित किया था।