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Jammu Kashmir: कश्मीरी एक्टिविस्ट ने UN में दिखाया पाकिस्तान का आइना, कश्मीर पर दुष्प्रचार का किया भंडाफोड़

Thu, 28 Mar 2024 04:29 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कश्मीर के बारे में निराधार और झूठे आख्यानों को खारिज करते हुए, तसलीमा ने उन पाकिस्तानी एजेंटों को बेनकाब किया, जो संयुक्त राष्ट्र में अक्सर कश्मीरी निवासी बनकर नजर आते हैं।
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कश्मीरी महिला कार्यकर्ता तस्लीमा अख्तर - फोटो : ANI
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विस्तार
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कश्मीरी महिला कार्यकर्ता तस्लीमा अख्तर ने पाकिस्तान को आइना दिखाया है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के 55वें सत्र में तस्लीमा ने भाग लिया जहां, उन्होंने कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के दुष्प्रचार का भंडाफोड़ किया। साथ ही उन्होंने पाक सरकार समर्थित आतंकवाद को उजागर किया।

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तस्लीमा ने बताया, 'संयुक्त राष्ट्र में, हमने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का शिकार हुए अपने निर्दोष लोगों के लिए न्याय की मांग की। हमने जम्मू-कश्मीर में चल रहे घटनाक्रम पर भी चर्चा की, जिस पर पूरी दुनिया की नजर है।' कश्मीर के बारे में निराधार और झूठे आख्यानों को खारिज करते हुए, तसलीमा ने उन पाकिस्तानी एजेंटों को बेनकाब किया, जो संयुक्त राष्ट्र में अक्सर कश्मीरी निवासी बनकर नजर आते हैं।

महिला  कार्यकर्ता ने आगे कहा कि ब्रिटेन, फ्रांस और इटली जैसे विदेशी देशों में रहने वाले कुछ लोगों का अपना एजेंडा है। उनके पास कश्मीर के बारे में उचित ज्ञान और समझ का अभाव है। अगर उन्होंने विदेशों में नागरिकता हासिल कर ली है तो वे कश्मीर के बारे में कैसे बोल सकते हैं?
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जम्मू-कश्मीर में देखे गए परिवर्तन की सराहना की
कार्यकर्ता ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और अगस्त 2019 से जम्मू-कश्मीर में देखे गए परिवर्तन की भी सराहना की। तस्लीमा ने बताया, 'अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान प्रायोजित पत्थरबाजी बंद हो गई है। हमने पाकिस्तान समर्थित संगठनों द्वारा किए गए दंगों और हिंसा का अंत देखा है।'

जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों की स्थितियों की तुलना करते हुए, तस्लीमा महत्वपूर्ण असमानताओं पर प्रकाश डालती हैं। वह कहती हैं, 'हम अपनी तरफ राजमार्गों, सड़कों और स्टेशनों के निर्माण को देख रहे हैं, पीओके में लोग अपने स्वयं के दान से सड़कें बनाने के लिए मजबूर हैं।' शांति और विकास के नए युग की चर्चा करते हुए तस्लीमा ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल की सराहना की। 

ॉसामाजिक और मानवाधिकार कार्यकर्ता ने आगे कहा, 'कश्मीर पर्यटन का केंद्र बन गया है, जो दुनियाभर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। कश्मीरी महिलाएं आईएएस और आईपीएस अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, जो युवाओं की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है।' 

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