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हाफिज की रिहाई के बाद कसाब के वकील ने खोला मुंह, कहा- 26/11 हमले के पीछे था पाक

Thu, 23 Nov 2017 12:52 PM IST
amarujala.com: presented by-पूजा मेहरोत्रा
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hafiz saeed
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पाकिस्तानी अदालत ने आतंकी सरगना हाफिज सईद को नजरबंदी से रिहा करने का आदेश दिया जिसके बाद उसे आजाद कर दिया गया है। पाकिस्तान के इस कदम की भर्त्सना पूरी दुनिया में हो रही है। अमेरिका ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की है।
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हाफिज की रिहाई के बाद अजमल आमिर कसाब के वकील अब्बास काजमी ने एक सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कसाब ने सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में यह कबूल किया था कि वह पाकिस्तानी है और उसका ताल्लुक हाफिज सईद के आतंकी संगठन से है। इतना ही नहीं उसने यह भी माना था कि 26/11 हमले की पूरी प्लानिंग हाफिज सईद ने ही की थी।

काजमी ने कहा कि बातचीत में कसाब ने कबूल किया था और डिटेल में बताया था जो यह साबित करने के लिए काफी था कि इस पूरे हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ था।

पढ़ें: प्रद्युम्न केसः जेल से छूटकर अशोक की ‌तबीयत हुई खराब, अब भी है पुलिस की पिटाई का खौफ

वहीं भारत सरकार  ने पाकिस्तान की एक अदालत द्वारा मुंबई हमलों के कसूरवार हाफिज सईद की रिहाई के फैसले पर  नाराजगी जताई है। उन्होंने बुधवार को कहा कि इससे पता चलता है कि आतंकवाद के मुद्दे पर कैसे पाकिस्तान दुनिया को धोखा दे रहा है। 
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He confessed & had done so in detail, which becomes a proof of Pakistan's involvement: Abbas Kazmi, Kasab's lawyer on question if Kasab talked of Hafiz Saeed's involvement in 26/11 pic.twitter.com/p5rd5fDWMC — ANI (@ANI) November 23, 2017
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हाफिज सईद अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र दोनों द्वारा घोषित आतंकी है

हाफिज सईद - फोटो : SELF
जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद की रिहाई के बाद दुनियाभर में पाकिस्तान सरकार की किरकिरी हो रही है।  मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र दोनों द्वारा घोषित आतंकी सरगना है।
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मई 2008 में अमेरिका ने उसे वैश्विक आतंकी घोषित किया था। दिसंबर 2008 में संयुक्त राष्ट्र ने भी उसे नवंबर 2008 में मुंबई में हुए हमले के लिए दोषी मानते हुए आतंकवादी घोषित किया था।अमेरिका अभी अपने उस रुख पर कायम है कि लश्कर ए तैयबा विदेशी आतंकवादी संगठन है जोकि आतंकी हमलों में मारे गए हजारों निर्दोष लोगों की मौत का जिम्मेदार है। इन मृतकों में अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। जमात उद दावा को लश्कर का मुखौटा संगठन माना जाता है। 
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