करूर रैली में पार्टी प्रमुख विजय के विलंब और टीवीके कार्यकर्ताओं की लापरवाही के कारण 41 लोगों की मौत और 60 घायल हुए। एफआईआर में कार्यकर्ताओं को टिन की छत और पेड़ की शाखाओं पर बैठने और पुलिस चेतावनी अनसुनी करने का दोषी ठहराया गया। पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ धारा 105, 110, 125, 223 और पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट की धारा तीन के तहत मामला दर्ज किया गया।
करूर जिले में शनिवार को हुए टीवीके रैली में भारी भीड़ और अफरातफरी के कारण कम से कम 41 लोग मारे गए और 60 घायल हुए। इस घटना के पीछे पार्टी प्रमुख विजय के 'जानबूझकर देरी' और पार्टी कार्यकर्ताओं की लापरवाही को पुलिस ने एफआईआर में जिम्मेदार ठहराया है। एफआईआर के अनुसार, टीवीके प्रमुख विजय ने कई जगह बिना अनुमति रोडशो किया और वेलुसम्यपुरम पहुंचने में विलंब किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता में भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे अफरातफरी पैदा हुई।
विज्ञापन
पुलिस ने बार-बार भीड़ नियंत्रण के लिए चेतावनी दी थी, लेकिन पार्टी के पदाधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया। एफआईआर में कहा गया है कि कार्यकर्ता टिन की छतों और पेड़ की शाखाओं पर बैठे थे। अचानक गिरने से लोग दब गए और कई लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। 60 वर्षीय महिला ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने करूर जिला सचिव मथिय्यालागन, राज्य महासचिव बसी एन आनंद और संयुक्त सचिव सीटीआर निर्मल कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 125, 223 और तमिलनाडु पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट की धारा तीन के तहत एफआईआर दर्ज की है।
राजनीतिक प्रदर्शन का आरोप
एफआईआर में कहा गया कि आयोजकों ने विजय के आगमन में चार घंटे की देरी की, ताकि बड़ी भीड़ दिखाकर राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया जा सके। भीड़ की गर्मी, प्यास और पानी की कमी ने लोगों की हालत बिगाड़ दी। घटनास्थल पर विजय को घायल लोगों से मिलने और सांत्वना देने से रोक दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि उनका अस्पताल जाना और अधिक भीड़ जमा कर सकता था। टीवीके नेताओं ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के महत्व पर ध्यान देने की बात कही।
अफवाह फैलाने के आरोप में तीन गिरफ्तार
तमिलनाडु पुलिस ने करूर भगदड़ मामले को लेकर अफवाहें फैलाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पेरुम्बाक्कम के सहयाम (38), भाजपा राज्य सचिव (कला एवं संस्कृति), मंगाडु के शिवनेश्वरन (टीवीके सदस्य) और अवडी के सरथकुमार (32), टीवीके के 46वें वार्ड सचिव शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि ये लोग सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भ्रामक सूचनाएं फैला रहे थे, जिससे स्थिति बिगड़ने की आशंका थी।