भाजपा नेता ने कहा कि 'विपक्ष में रहते हुए, मुख्यमंत्री स्टालिन अभिव्यक्ति की आजादी की बात करते थे। लेकिन अब, उनकी सरकार में, लोगों को अपनी राय व्यक्त करने के लिए गिरफ्तार किया जा रहा है।'
तमिलनाडु के करूर में भगदड़ की घटना पर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा ने भगदड़ की घटना में गहरी साजिश होने की आशंका जाहिर करते हुए सीबीआई या फिर सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराने की मांग की है। भाजपा ने घटना की जांच के लिए एक प्रतिनिधिमंडल गठित किया है। हालांकि करूर के एसपी और कलेक्टर ने भाजपा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं की। इस पर भाजपा नेता तमिलसाई सुंदरराजन ने कड़ी आपत्ति जताई और कई गंभीर सवाल उठाए।
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भाजपा ने साजिश के लगाए आरोप
तमिलसाई सुंदरराजन ने कहा कि 'कलेक्टर और एसपी हमारे प्रतिनिधिमंडल से क्यों नहीं मिले? वे कुछ स्पष्टीकरण चाहते थे। अगर आपको कोई डर नहीं है और आप कोई सच्चाई नहीं छिपाना चाहते, तो आप क्यों नहीं मिल रहे हैं? सरकार एक आईएएस अधिकारी से स्पष्टीकरण मांग रही है, जिसका विभाग से कोई लेना-देना नहीं है। जब हमने पूछा कि कलेक्टर या एसपी पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई, तो उन्होंने कहा कि जांच चल रही है। हमें साजिश का शक है। इसलिए, हम सुप्रीम कोर्ट के जज से घटना की जांच चाहते हैं।'
भाजपा नेता ने कहा कि 'विपक्ष में रहते हुए, मुख्यमंत्री स्टालिन अभिव्यक्ति की आजादी की बात करते थे। लेकिन अब, उनकी सरकार में, लोगों को अपनी राय व्यक्त करने के लिए गिरफ्तार किया जा रहा है। डीएमके सदस्य भी अपने विचार व्यक्त करते हैं, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता। यह दोहरा मापदंड क्यों? वे चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे हैं कि बैठक में लोग चाकू लेकर आए थे, यह झूठ है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में जांच होनी चाहिए या सीबीआई जांच का आदेश दिया जाना चाहिए।'
डीएमके नेता सेंथिल बालाजी पर तीखा हमला बोला
डीएमके नेता सेंथिल बालाजी द्वारा करूर भगदड़ पर भाजपा-एनडीए के प्रतिनिधिमंडल की आलोचना करने पर तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा, 'मैं इसकी कड़ी निंदा करती हूं। मैं अभी भी वहां (करूर) के दुःख को महसूस कर सकती हूं। चाहे टीवीके कार्यकर्ता हों या प्रशंसक, जान का नुकसान तमिल भाई-बहनों का है। जब भी हम तमिलनाडु के बारे में कुछ पूछते हैं, तो वे तुरंत कहते हैं कि आप कश्मीर या मणिपुर देखते हैं। यह कोई जवाब नहीं है। हम उन लोगों के लिए जवाब चाहते हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई। सेंथिल बालाजी को सफाई देनी चाहिए, न कि अन्य दलों पर आरोप लगाने चाहिए।'