भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को दुबई में एशिया कप के दौरान हुए मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। जीत के बाद भारत के खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के अपने समकक्षों से पारंपरिक हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। इस बीच सरकार ने एक बार फिर बताया है कि आखिर क्यों एशिया कप में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला तय कार्यक्रम के हिसाब से हुआ। दरअसल, शिवसेना-कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने मैच का बहिष्कार करने का आह्वान किया था और मैच की अनुमति देने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की थी। हालांकि, कर्नाटक में कांग्रेस के ही विधायक इस मामले में पार्टी से अलग हटकर बनाया दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल और राजनीति को एक साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। हमें अपने प्रतिद्वंदी या टूर्नामेंट में खेलने वाली टीम चुनने का अधिकार नहीं है।
किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
वहीं, भारत बनाम पाकिस्तान मैच पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, '... जहां तक इस क्रिकेट मैच का सवाल है, यह भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय खेल नहीं है। अगर भारत एशिया कप में नहीं खेलता है, तो भारत बाहर हो जाएगा। ओलंपिक और एशिया कप पाकिस्तान के लिए नहीं हैं। यह पूरी दुनिया के लिए है। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच नहीं खेला है। पाकिस्तान में कोई द्विपक्षीय मैच नहीं खेला गया है। पाकिस्तान को अलग से आमंत्रित नहीं किया गया है। अगर हम किसी देश के साथ अपनी दुश्मनी के कारण ओलंपिक में नहीं जाते हैं, तो नुकसान किसे होगा? इसलिए इसे समझना होगा। भावना सही है, लेकिन भावना के पीछे तर्कसंगत सोच होनी चाहिए। भारत पाकिस्तान के साथ अलग से कोई द्विपक्षीय मैच नहीं खेल रहा है, लेकिन ओलंपिक, एशियाई खेल, एशियाई चैम्पियनशिप, विश्व कप और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट बहुराष्ट्रीय, बहुपक्षीय हैं, सभी देश एक साथ खेलते हैं, पाकिस्तान और भारत के बीच कोई अलग खेल नहीं है।'
कार्ति चिदंबरम ने क्या कहा?
बीते दिन एशिया कप के मैच के दौरान भारतीय क्रिकेटरों की ओर से पाकिस्तानी क्रिकेटरों से हाथ मिलाने से इनकार करने पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि खेल और राजनीति को एक साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। हमें अपने प्रतिद्वंदी या टूर्नामेंट में खेलने वाली टीम चुनने का अधिकार नहीं है। एक बार जब हम किसी टूर्नामेंट में प्रवेश कर जाते हैं, तो हम उस टीम के साथ खेलने के लिए बाध्य होते हैं, जिसके खिलाफ हमें चुना जाता है। यह बात सिर्फ क्रिकेट के लिए ही नहीं, बल्कि सभी खेलों के लिए सच है।'
राउत ने हाथ मिलाने से इनकार को बताया तमाशा
इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया कि एक दिन पहले खेले गए भारत-पाकिस्तान एशिया कप क्रिकेट मैच में 1.5 लाख करोड़ रुपये का जुआ खेला गया, जिसमें से 25,000 करोड़ रुपये पाकिस्तान गए। राज्यसभा सांसद ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भारत-पाकिस्तान मैच से 1,000 करोड़ रुपये मिले। इस पैसे का इस्तेमाल हमारे खिलाफ किया जाएगा। राउत ने दावा किया, 'कल के मैच में 1.5 लाख करोड़ रुपये का जुआ खेला गया, जिसमें से 25,000 करोड़ रुपये पाकिस्तान गए। इस पैसे का इस्तेमाल हमारे खिलाफ किया जाएगा। क्या सरकार या बीसीसीआई को इसकी जानकारी नहीं है?' राउत ने खिलाड़ियों के हाथ न मिलाने को एक तमाशा करार दिया और दावा किया कि यह इनकार तात्कालिक निर्णय नहीं था।
महाराष्ट्र के मंत्री ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि देश की जनता भारत को एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने की अनुमति देने के केंद्र सरकार के फैसले को पूरी तरह समझ गई है, क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था, न कि दोनों देशों का दौरा। शेलार ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की आलोचना की, जिनकी पार्टी ने देश के विभिन्न हिस्सों में मैच के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे। उन्होंने कहा कि उनका रुख अतार्किक है।
- शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और जम्मू में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए, जबकि आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने रविवार को मैच के बहिष्कार की मांग करते हुए दिल्ली में प्रदर्शन किया।
- उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि भारत की जनता केंद्र सरकार के फैसले को पूरी तरह समझ गई है। यह भारत-पाकिस्तान दौरा नहीं था। भारत सरकार इस तरह के द्विपक्षीय टूर्नामेंट का प्रस्ताव नहीं रखेगी और न ही इसे स्वीकार करेगी। रविवार का मैच एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का हिस्सा था और भारत की जनता ने देश की भागीदारी पर कोई आपत्ति नहीं जताई।'