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कर्नाटक: CM बोले- पड़ोसी राज्यों के अंदर 20 KM तक ही मुफ्त यात्रा कर सकेंगी महिलाएं, कल शक्ति योजना का शुभारंभ

Sat, 10 Jun 2023 08:01 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी के साथ रविवार को विधानसभा से इस योजना की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा, हम विधानसभा में सुबह 11 बजे पांच गारंटी में से एक का शुभारंभ कर रहे हैं। 
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Siddaramaiah - फोटो : ANI (File)
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को स्पष्ट किया कि कर्नाटक की महिलाएं पड़ोसी राज्यों के भीतर बीस किलोमीटर तक ही सरकारी बसों से निशुल्क यात्रा कर सकती हैं, इससे आगे नहीं। उनकी यह टिप्पणी तब आई है, जब एक दिन बाद राज्य सरकार 'शक्ति' योजना का शुभारंभ करने जा रही है। विधानसभा चुनाव से पहले की कांग्रेस के द्वारा जिन पांच गारंटी को देने का वादा किया गया था, यह उनमें से एक है। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी के साथ रविवार को विधानसभा से इस योजना की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा, 'हम विधानसभा में सुबह 11 बजे पांच गारंटी में से एक का शुभारंभ कर रहे हैं। सभी महिलाएं, एक्सप्रेस बस सेवाओं सहित एसी और वोल्वो के अलावा सभी (राज्य के स्वामित्व वाली) बसों में मुफ्त में यात्रा करने की हकदार होंगी।'

उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं अंतरराज्यीय बस में यात्रा करना चाहती हैं तो यह सेवा मुफ्त नहीं है, अगर कोई महिला तिरुपति जाना चाहती है, तो वह मुफ्त यात्रा नहीं कर सकती है। वह मुलबागल (आंध्र प्रदेश की सीमा से लगा कोलार जिला) तक जा सकती हैं और उसके बाद यह उपलब्ध नहीं है। हालांकि, पड़ोसी राज्यों के अंदर 20 किलोमीटर तक की यात्रा करने वालों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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सिद्धारमैया ने कहा, 'उदाहरण के तौर पर बेल्लारी से आंध्र प्रदेश के अंदर 20 किलोमीटर तक वे (महिलाएं) मुफ्त जा सकती हैं। उन्होंने चार अन्य गारंटी जारी करने को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली की पेशकश करने वाली 'गृह ज्योति' योजना 1 जुलाई से कलबुर्गी से शुरू की जाएगी। उसी दिन, मैसूर से बीपीएल परिवारों को 10 किलो मुफ्त चावल या खाद्यान्न की पेशकश करने वाली 'अन्ना भाग्य' योजना शुरू की जाएगी। 

गृह लक्ष्मी योजना (घर की मुखिया को 2,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करना) के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे 16 अगस्त को जिला मुख्यालय बेलगावी से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम 15 जुलाई से गृह लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन मंगाएंगे, जिस पर 15 अगस्त तक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद हम इसे 16 अगस्त से लागू करेंगे, जिसकी सबसे अधिक संभावना बेलगावी में होगी।

स्नातकों को 3,000 रुपये और डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता देने वाली 'युवा निधि' योजना के बारे में सिद्धारमैया ने कहा कि जिन स्नातकों और डिप्लोमा धारकों ने 2022-23 में परीक्षा उत्तीर्ण की है, यदि उन्हें परीक्षा पास करने के छह महीने के भीतर नौकरी नहीं मिलती है तो उन्हें 24 महीने के लिए भत्ता मिलेगा। उन्होंने कहा, 'हम उन्हें 24 महीने के लिए भत्ता देंगे। उन्हें समय के भीतर नौकरी ढूंढनी होगी। अगर उन्हें सरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी मिलती है, तो भत्ता बंद कर दिया जाएगा।' यह पूछे जाने पर कि सरकार यह कैसे पता लगाएगी कि लाभार्थी को नौकरी मिल गई है, उन्होंने कहा, क्या आपको लगता है कि सरकार को पता नहीं चलेगा? हम सारी जानकारी जुटा लेंगे। हम झूठी घोषणा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

इन योजनाओं को लागू करने के लिए राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिद्धारमैया ने कहा, आप सरकार के सिरदर्द के बारे में क्यों परेशान हैं? हम निश्चित रूप से ऐसा करेंगे। इन गारंटी को पूरा करने के लिए राज्य का खजाना खाली होने के भाजपा के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सत्ता में रहते हुए कुछ नहीं किया और अब वह सिर्फ बयान जारी कर रही है। उन्होंने पूछा, क्या उन्होंने (भाजपा ने) कुछ किया है? मैं वित्त मंत्री हूं। वे (भाजपा) कहने वाले कौन होते हैं?

लोगों द्वारा भारी बिजली बिल मिलने की शिकायत के बारे में सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि कर्नाटक विद्युत नियामक आयोग हर साल मार्च या अप्रैल में बिजली दरों को संशोधित करता है और जून में इसे लागू करता है। इस साल भी कांग्रेस के सत्ता में आने से पहले ही इसे बढ़ा दिया गया था। विधानसभा चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता के कारण बिजली दरों के संशोधन पर रोक लगा दी गई थी। अब इसे जून से लागू किया जाएगा। 

'गृह ज्योति' योजना के बारे में एक सवाल के जवाब में सिद्धारमैया ने कहा कि मुफ्त बिजली का लाभ उठाना अनिवार्य नहीं है क्योंकि कुछ लोग इसे चुन सकते हैं और अन्य इसे छोड़ सकते हैं। अगर आप कहते हैं कि आप इसे नहीं चाहते हैं तो मुझे इसके लिए जोर क्यों देना चाहिए?। सिद्धारमैया के मुताबिक, 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त है लेकिन हर कोई 200 यूनिट बिजली का इस्तेमाल नहीं करता क्योंकि राज्य में औसत घरेलू बिजली की खपत सिर्फ 53 यूनिट है।

उन्होंने कहा, 'कुछ लोग 65 यूनिट, 70 यूनिट या 80 यूनिट खर्च कर सकते हैं। आप जो भी औसत बिजली की खपत करते हैं, हम 10 फीसदी अतिरिक्त बिजली देंगे। लोग कह रहे हैं कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। लेकिन आपकी खपत 80 यूनिट है। आप 200 यूनिट क्यों लेंगे? अगर हम 200 यूनिट मुफ्त देते हैं, तो लोग इसका दुरुपयोग करेंगे। इसलिए, ऐसा नहीं होना चाहिए।'

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