कर्नाटक विधानसभा चुनाव इंटरेस्टिंग मोड़ पर है। टिकट बंटवारे को लेकर जहां कांग्रेस पार्टी में जहां असंतोष दिखाई दे रहा है वहीं
भारतीय जनता पार्टी भी खुद के वंशवाद के खिलाफ अपने चलाए जा रहे अभियान में फंसती नजर आ रही है। सोमवार को उस समय बीजेपी को अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से विरोध का सामना करना पड़ा जब पार्टी ने
बीएस येदियुरप्पा के बेटे बी वाई विजेयंद्र को टिकट नहीं दिया।
विजेयंद्र मैसुरू जिले के वरुणा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाह रहे थे। जबकि येदियुरप्पा कर्नाटक चुनाव में बीजेपी के मुख्यमंत्री के उम्मीदवार हैं। वहीं भाजपा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के विधानसभा क्षेत्र बादामी से बी श्रीरामुलू को चुनाव लड़ाने का फैसला लिया है।
विजेयंद्र को पार्टी टिकट न दिए जाने की घोषणा येदियुरप्पा ने श्रमिकों के सम्मेलन में किया उस समय वह नानजंगूद में थे। विजयेंद्र को इसी सम्मेलन के बाद अपने कागजात फाइल करने थे। सम्मेलन के बाद जैसे ही येदियुरप्पा ने जगह को छोड़ा पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा मचाया, कुर्सी फेंकी और नारे लगाए।
पार्टी के कार्यकर्ता विजेयंद्र को वरुणा से चुनाव लड़ाए जाने की मांग कर रहे थे। पार्टी कार्यकर्ता इस विजेयंद्र को टिकट नहीं दिए जाने का आरोप केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार और अनंतकुमार हेगड़े पर लगा रहे थे। विजेयंद्र को टिकट नहीं दिए जाने की बात येदियुरप्पा ने समर्थकों से छुपा कर रखी थी। पार्टी कार्यकर्ताओं में मचे घमासान को खत्म करने के लिए आज बीजेपी नेता प्रकाश जावड़ेकर और पी मुरलीधर राव कर्नाटक पहुंच रहे हैं।
वहीं कांग्रेस पार्टी में भी टिकट बंटवारे को लेकर घमासान शुरू है। पहले दिन जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया रैली निकाली वहीं कांग्रेस ने अपने पूर्व मंत्री एमएच अंबरीश को मांडया से टिकट नहीं दिया है। बता दें कि कर्नाटक में 12 मई को मतदान होना है।