डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा, 'ये मेरे और मुख्यमंत्री के बीच का मामला है और हम दोनों भाई की तरह मिलकर काम कर रहे हैं। हम मीडिया के दबाव के चलते 29 नवंबर को मिले थे, लेकिन उसकी कोई जरूरत नहीं थी।'
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के कयासों के बीच कांग्रेस पार्टी में एकजुटता दिखाने की कोशिशें चल रही हैं। हाल ही में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने सीएम आवास पर जाकर सीएम से नाश्ते पर चर्चा की। अब सीएम सिद्धारमैया ने कहा है कि वे भी डिप्टी सीएम के आवास पर नाश्ता करने जा सकते हैं। सीएम मंगलवार को यानी 2 दिसंबर को डीके शिवकुमार के आवास जा सकते हैं। हालांकि सीएम ने ये भी कहा कि उन्हें अभी तक औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है।
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शनिवार को सीएम आवास पर दोनों नेताओं की हुई थी मुलाकात
कर्नाटक में बीते कई दिनों से सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व परिवर्तन की खींचतान चल रही है। शनिवार को डीके शिवकुमार और सीएम सिद्धारमैया की सीएम आवास में नाश्ते पर मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने एकजुटता का संदेश दिया था और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर किसी भी असमंजस की बात को खारिज कर दिया था। दोनों नेताओं ने कहा कि जो भी पार्टी आलाकमान तय करेगा, वे उसका पालन करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी आलाकमान ने सिद्धारमैया को फिलहाल सीएम पद पर बने रहने के संकेत दिए हैं और खासकर आगामी विधानसभा सत्र तक।
शिवकुमार बोले- ये मेरे और सीएम के बीच का मामला
सोमवार को मीडिया से बात करते हुए सीएम सिद्धारमैया ने कहा, 'शनिवार को शिवकुमार ने उनसे मंगलवार को नाश्ते पर घर आने को कहा था। मुझे अभी तक औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है, लेकिन अगर वे बुलाते हैं तो मैं जरूर जाऊंगा। मुझे लगता है कि वे मुझे आमंत्रित करेंगे।' वहीं सीएम के बयान पर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा, 'ये मेरे और मुख्यमंत्री के बीच का मामला है और हम दोनों भाई की तरह मिलकर काम कर रहे हैं। हम मीडिया के दबाव के चलते 29 नवंबर को मिले थे, लेकिन उसकी कोई जरूरत नहीं थी। आप गुटबाजी के दावे कर रहे हैं, लेकिन कोई गुटबाजी नहीं है। आप ही गुट बना रहे हैं।'
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं जारी
शिवकुमार ने ये भी कहा, 'मेरे साथ 140 विधायक हैं। हम जब पैदा हुए और जब मरेंगे हम अकेले होंगे, लेकिन जब पार्टी की बात आती है तो हम सभी को साथ लेकर चलते हैं। इसलिए किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।' ऐसा दावा किया जा रहा है कि सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल सीएम रहने का समझौता है। अब जब नवंबर में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को ढाई साल का वक्त पूरा हो गया है तो राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गईं। कई सत्ता पक्ष और विपक्षी नेताओं की बयानबाजी ने भी इस चर्चा को बल दिया। हालांकि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार अपनी तरह से किसी भी विवाद की बात से इनकार कर रहे हैं।