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Karnataka: धर्मस्थल मामले में एसआईटी ने कार्यकर्ता थिमारोडी का घर खंगाला, चिन्नैया को पनाह देने का आरोप

Tue, 26 Aug 2025 02:20 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक पुलिस ने गवाह संरक्षण अधिनियम के तहत पहले चिन्नैया को सुरक्षा दी थी, लेकिन जब उसके दावे झूठे पाए गए तो भ्रामक जानकारी देने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 
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कर्नाटक पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक के धर्मस्थल में शवों को कथित तौर पर दफनाने की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को कार्यकर्ता महेश शेट्टी थिमारोडी के उजीरे स्थित आवास पर छापेमारी की। थिमारोडी ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी. एल. संतोष के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में थिमारोडी को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं।
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थिमारोडी के घर रह रहा था चिन्नैया
मंगलवार को तलाशी के दौरान एसआईटी अधिकारियों के साथ धर्मस्थल मामले का मुख्य आरोपी सी. एन. चिन्नैया भी मौजूद रहा। एसआईटी अधिकारियों के बताया कि थिमारोडी ने पिछले दो महीनों से चिन्नैया को अपने घर में पनाह दी हुई थी। एसआईटी तलाशी अदालत से जारी वारंट लेकर छापेमारी करने पहुंची थी। अधिकारियों ने बताया कि जांच के तहत धर्मस्थल मामले में सबूत इकट्ठा किए जा रहे है।

झूठी जानकारी देने के आरोप में चिन्नैया को किया गया गिरफ्तार
गौरतलब है कि चिन्नैया नामक व्यक्ति ने धर्मस्थल में यौन उत्पीड़न की कथित तौर पर शिकार महिलाओं सहित कई शवों को दफनाने का दावा किया था। चिन्नैया के दावे के बाद विवाद खड़ा हो गया था।  हालांकि जांच में उसके दावे झूठे पाए गए। पुलिस ने बताया कि चिन्नैया ने जहां-जहां बताया, वहां खुदाई में ऐसा कुछ भी नहीं मिला, जो चिन्नैया के दावों की पुष्टि करता हो। कर्नाटक पुलिस ने गवाह संरक्षण अधिनियम के तहत पहले चिन्नैया को सुरक्षा दी थी, लेकिन जब उसके दावे झूठे पाए गए तो भ्रामक जानकारी देने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 
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धर्मस्थल मामले में मंदिर के प्रशासकों पर भी आरोप लगे। जिस पर भाजपा ने मंदिर को निशाना बनाए जाने का विरोध किया। उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने भी शिकायत झूठी होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। धर्मस्थल मंदिर के संरक्षक वीरेंद्र हेगड़े ने भी इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठन का स्वागत किया है। 
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महिला शिकायतकर्ता से एसआईटी ने की पूछताछ 
धर्मस्थल में अपनी बेटी के कथित लापता होने की शिकायत करने वाली सुजाता भट्ट मंगलवार को बेलथांगडी में विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष पेश हुईं। पुलिस के अनुसार, सुजाता ने 15 जुलाई, 2025 को धर्मस्थल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें दावा किया गया था कि उनकी बेटी अनन्या भट्ट, जो एक मेडिकल छात्रा है, 2003 में धर्मस्थल मंदिर परिसर से लापता हो गई थी। पुलिस ने मामले को आगे की जांच के लिए एसआईटी को सौंप दिया। सुजाता ने तब से विरोधाभासी बयान दिए हैं, कथित तौर पर उन्होंने कहा कि उनकी कोई बेटी नहीं थी और दूसरों के उकसावे पर झूठी शिकायत दर्ज कराई गई थी। बाद में उन्होंने अपना बयान भी वापस ले लिया।

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