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कर्नाटक: एसआईआर की नोटिस सूची में नंदन नीलेकणी से लेकर कामथ बंधुओं के नाम, अधिकारियों ने बताई क्या वजह?

Thu, 10 Sep 2026 08:12 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, बंगलूरू

सार

कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कई चर्चित लोगों के नाम सत्यापन के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनमें इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी का परिवार और जेरोधा के नितिन व निखिल कामथ शामिल हैं। आइए जानते हैं कि इस सूची में और कौन-कौन शामिल है... 
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नोटिस सूची में क्यों शामिल हुए नाम? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की नोटिस सूची में इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि और उनके परिवार के साथ जेरोधा के संस्थापक नितिन कामथ और निखिल कामथ समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी कि नीलेकणि के परिवार, जिसमें उनकी पत्नी और बच्चे भी शामिल हैं, के नाम 'पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (2002 की मतदाता सूची) से मैप नहीं होने' के कारण चिह्नित किए गए हैं।
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वहीं, बंगलूरू दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में नितिन कामथ, निखिल कामथ और उनकी मां रेवती कामथ के नाम 'माता-पिता के नाम में अंतर' के कारण चिह्नित किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि प्रमुख लोगों और वीआईपी को सत्यापन प्रक्रिया के कारण किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अधिकारी उनके पास जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार ऐसे कई मामलों में नोटिस तैयार किए गए हैं, लेकिन संबंधित लोगों को ये नोटिस दिए नहीं गए हैं।

भारत रत्न से सम्मानित प्रोफेसर से लेकर इस कन्नड़ अभिनेता का भी नाम
इसी तरह भारत रत्न से सम्मानित प्रोफेसर सीएनआर राव के नाम में अंतर और कन्नड़ अभिनेता शिवराजकुमार का नाम 2002 की मतदाता सूची से मैप नहीं होने के कारण नोटिस तैयार किए गए थे। सूत्रों ने बताया कि ये नोटिस भी संबंधित लोगों को नहीं दिए गए और अधिकारी अपने स्तर पर इन मामलों को सुलझा रहे हैं।
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क्या सीएम शिवकुमार की मां का नाम भी नोटिस सूची में?
इस बीच खबरें आई थीं कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की मां गौवरम्मा का नाम कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र में 'स्वयं के नाम में अंतर' के कारण चिह्नित किया गया है। इस पर बंगलूरू दक्षिण जिला उपायुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनकी मां को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। अधिकारी ने बताया कि उनके मतदान केंद्र के क्षेत्राधिकार में इसी नाम के दो अन्य मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने एक बयान में कहा, 'इसलिए यह स्पष्ट किया जाता है कि नामों की समानता के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हुई। मीडिया में यह खबर प्रसारित हुई कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री की मां को नोटिस जारी किया गया था, जो तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।'
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