जब बैठक चल रही थी तब कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि गैरमौजूद विधायकों में रमेश जारखिहोली, बी नागेंद्र, उमेश जाधव और महेश कुमाताहल्ली थे। माना जा रहा है कि रमेश जारखिहोली हाल में मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान अपना नाम मंत्री पद से हटाए जाने से बेहद नाराज थे। जाधव ने सिद्धारमैया को लिखा कि बैठक के बारे में एक पत्र विधायक आवास में उनके कक्ष के बाहर चस्पा कर दिया गया लेकिन वह बीमार होने की वजह से सफर करने में सक्षम नहीं हैं इसलिये बैठक में शामिल नहीं होंगे।
उन्होंने अनुरोध किया कि उनकी अनुपस्थिति को माफ किया जा सकता है। नागेंद्र ने गुरुवार को कहा था कि एक अदालती मामले की वजह से वह सीएलपी बैठक में मौजूद नहीं रह पाएंगे। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सिद्धरमैया, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव के सी वेणुगोपाल और प्रदेश इकाई के नेता इस बैठक में मौजूद रहे।
सीएलपी बैठक से पहले कांग्रेस में वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने जोर देकर कहा कि गठबंधन सरकार को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने सरकार को अस्थिर करने के “विफल प्रयास” करने के लिये भगवा दल पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी साजिश का पर्दाफाश हो चुका है।
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने कहा कि सभी संपर्क में हैं, आप यह नहीं कह सकते कि कोई एक व्यक्ति संपर्क में नहीं है...आपने (मीडिया ने) उन लोगों की सूची बाहर कर दी जो पार्टी से अलग हो सकते थे। उनमें से अधिकतर आए हैं, दूसरे भी आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे जो भी हो, इस सरकार को कोई खतरा नहीं है। यह पांच साल पूरे करेगी। भाजपा सरकार को अस्थिर करने के विफल प्रयास कर रही है।