बंगलूरू में पूर्व सीएम सिद्धारमैया का अपनी ही पार्टी के विधायक जमीर अहमद खान पर गुस्सा होने का वीडियो वायरल हुआ है। सिद्धारमैया ने जमीर पर पार्टी और उनके खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए उनके समर्थक को भगा दिया। कैबिनेट में जगह न मिलने से नाराज जमीर के समर्थक लगातार उनके लिए मंत्री पद की मांग कर रहे हैं।
कर्नाटक कांग्रेस में मची अंदरूनी कलह अब खुलकर सड़क पर आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ विधायक जमीर अहमद खान के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। सिद्धारमैया ने सीधे तौर पर जमीर अहमद खान पर अपने और पार्टी के खिलाफ काम करने का संगीन आरोप लगाया है। यह वीडियो बंगलूरू स्थित पूर्व मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास का बताया जा रहा है, जो दो दिन पहले शूट हुआ था।
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समर्थक की मांग पर भड़के पूर्व सीएम
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब जमीर अहमद खान का एक समर्थक पोस्टर लेकर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मिलने पहुंचा। उसने सिद्धारमैया से गुहार लगाई कि वह मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के आगामी कैबिनेट विस्तार में जमीर को जरूर जगह दिलवाएं। समर्थक की यह बात सुनते ही सिद्धारमैया अपना आपा खो बैठे। उन्होंने गुस्से में पूछा कि क्या मैंने उसे पार्टी के खिलाफ काम करने के लिए कहा था? इसके बाद भी जब समर्थक नहीं रुका और उसने जमीर को पूर्व सीएम का वफादार बताया, तो सिद्धारमैया और भड़क गए। उन्होंने कहा कि तो क्या इसका मतलब यह है कि वह मेरे खिलाफ काम कर सकता है? इसके तुरंत बाद उन्होंने नाराज होकर उस शख्स को वहां से चले जाने को कहा।
करीबी रिश्तों में आई बड़ी दरार
राजनीतिक गलियारों में इस घटना को बेहद अहम माना जा रहा है। जमीर अहमद खान कभी सिद्धारमैया कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। उन्हें सिद्धारमैया के सबसे करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता था। ऐसे में सिद्धारमैया के मुंह से यह बात निकलना साफ संकेत देता है कि दोनों नेताओं के बीच अब रिश्ते पूरी तरह टूट चुके हैं। बंगलूरू में इस वीडियो के सामने आने के बाद से कांग्रेस आलाकमान भी हरकत में आ गया है। विरोधी दल भी इस अंदरूनी खींचतान को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
कैबिनेट से बाहर होने पर मचा है बवाल
मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने जब तीन जून को शपथ ली थी, तब उनके साथ 13 मंत्रियों ने भी शपथ ली थी। मंत्री पद के प्रबल दावेदार होने के बावजूद जमीर अहमद खान को इस पहली सूची में जगह नहीं मिली। तभी से उनके समर्थक बेहद गुस्से में हैं। जमीर के समर्थक लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वे अपने नेता को कैबिनेट में शामिल करने की मांग पर अड़े हैं। कुछ कट्टर समर्थकों ने तो जमीर अहमद खान को उपमुख्यमंत्री बनाने तक की मांग उठा दी है।