फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnataka ISIS Case: शिवमोग्गा के आईएसआईएस मामले में NIA को अहम सुराग, चार्जशीट में एक और आरोपी का नाम जोड़ा

Fri, 08 Mar 2024 11:59 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवमोग्गा (कर्नाटक)

सार

Karnataka ISIS Case: शिवमोग्गा के आईएसआईएस मामले में NIA को अहम सुराग मिले हैं। एनआईए की चार्जशीट में एक और आरोपी का नाम जोड़ा गया है। आरोप-पत्र में पहले से ही शामिल दो अन्य आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त आरोप लगाए गए हैं।
विज्ञापन
एनआईए (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक के शिवमोग्गा में इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) की साजिश से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए ने एक और आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। इस मामले में पहले से आरोपी बनाए गए दो अन्य लोगों के खिलाफ अतिरिक्त आरोप भी लगाए गए हैं।
विज्ञापन


मंगलुरु में आतंकी संगठन का समर्थन करने वाले भित्तिचित्र (graffiti) बनाने से संबंधित इस मामले में शुक्रवार को जारी बयान में एजेंसी ने कहा, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन, इस्लामिक स्टेट (आईएस), लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और तालिबान का समर्थन करने वाली ग्रैफिटी बनाकर साजिश करने के लिए एनआईए ने अराफात अली पर आरोप लगाया है। बयान के मुताबिक एनआईए ने इस मामले में अपना दूसरा पूरक आरोप पत्र दायर किया। इसमें मोहम्मद शारिक और माज़ मुनीर अहमद के खिलाफ अतिरिक्त आरोप जोड़े गए हैं।

अराफात पर जनवरी 2020 में भित्तिचित्र लिखने के लिए काम पर रखने और अन्य आरोपियों को कट्टरपंथी बनाने का आरोप है। 14 सितंबर, 2023 को केन्या से भारत लौटने पर एनआईए ने अराफात को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। एक अन्य मामले (अल-हिंद मॉड्यूल) में अराफात पहले दुबई भाग गया था। इस मामले के दो फरार आरोपियों- अब्दुल मथीन ताहा और मुसाविर हुसैन शाज़ेब के साथ संबंध रखने के आरोप हैं।
विज्ञापन


एनआईए के मुताबिक जांच से पता चला है कि अब्दुल मथीन और मुसाविर हुसैन के निर्देश पर ही अराफात ने मोहम्मद शारिक, माज़ मुनीर अहमद और अन्य लोगों को काम पर रखा। उसने ही मंगलुरु में दो स्थानों पर आतंक और आतंकवादी संगठनों के समर्थन में भित्तिचित्र लिखने के लिए प्रेरित किया था।  एनआईए के मुताबिक अराफात अपने सहयोगियों और ऑनलाइन हैंडलर के साथ, आईएस/आईएसआईएस की आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। 

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि अराफात ने अपने ऑनलाइन हैंडलर से क्रिप्टो-करेंसी के रूप में भुगतान हासिल किया। इस धनराशि से भित्तिचित्र लेखकों को भुगतान किया गया। एनआईए ने पहले मोहम्मद शारिक और माज़ मुनीर अहमद सहित नौ आरोपियों के खिलाफ एक मुख्य और एक पूरक आरोप पत्र दायर किया था। इस मामले में एनआईए आगे की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें