अन्नाद्रमुक ने ट्वीट किया कि शशिकला द्वारा पार्टी के झंडे का उपयोग गैरकानूनी है। पार्टी ने मत्स्य पालन मंत्री और वरिष्ठ नेता डी. जयकुमार के हवाले से कहा कि शशिकला पार्टी की सदस्य नहीं हैं, ऐसे में वह पार्टी का झंडा कैसे लगा सकती हैं? यह कानून के खिलाफ है। वहीं वी के शशिकला का बचाव करते हुए अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम के महासचिव दिनाकरण ने दावा किया कि वह (शशिकला) अन्नाद्रमुक की महासचिव हैं। उनके खिलाफ अदालत में एक मामला लंबित है। वे बिल्कुल एआईएडीएमके के झंडे वाली गाड़ी में जा सकती हैं।
वी के शशिकला जब अस्पताल से निकलीं, तो उनके समर्थकों की भीड़ ने उनका स्वागत किया। पुलिस ने बताया कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 300 से अधिक पुलिकर्मी तैनात किए गए। शशिकला की रिहाई ऐसे समय में हुई है, जब तमिलनाडु में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।