कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन की सरकार है। सरकार को लगातार इस तरह की अफवाहों से जूझना पड़ रहा है कि उसके विधायक भाजपा खेमे में जा रहे हैं। यदि ऐसा सच में हो गया तो चार महीने पुरानी एचडी कुमारस्वामी की सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी। इसी बीच शनिवार को खबर आई कि कांग्रेस के तीन विधायक चेन्नई गए हैं। इन विधायकों के नाम हैं- एमटीबी नागराज, डी सुधाकर और एच नागेश। इन तीनों ने ही निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था लेकिन बाद में कांग्रेस का दामन थाम लिया।
इन तीनों ही
विधायकों ने भाजपा के पक्ष में जाने की अफवाहों पर कोई टिप्पणी नहीं की। लेकिन कांग्रेस ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि तीनों पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के संपर्क में हैं और वह पार्टी को छोड़ने की कोई योजना नहीं बना रहे हैं। कांग्रेस ने दोबारा भाजपा नेताओं सहित राज्य के अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा पर आरोप लगाया है कि वह सत्तासीन पार्टी के विधायकों से संपर्क करके उन्हें पैसों का लालच देकर अपनी पार्टी बदलने का ऑफर दे रहे हैं। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है।
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने शनिवार को कहा, 'उन्होंने हमारे विधायक सीएस शिवाली को 5 करोड़ रुपए देने का लालच दिया।' इस हफ्ते की शुरुआत में कांग्रेस ने आयकर विभाग के पास एक शिकायत दर्ज करवाई थी जिसमें उसका कहना था कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए कालाधन इकट्ठा कर रही है। हाल में विधायकों के पार्टी बदलने की खबर बेलगावी जिले में कांग्रेस की लड़ाई के बाद सामने आई। हालांकि बाद में यह महज कोरी अफवाहें साबित हुईं। कांग्रेस ने भाजपा पर राज्य सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया क्योंकि सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद भी वह राज्य में सरकार नहीं बना पाई है।
एक भाजपा नेता ने दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता खुद उनके संपर्क में आए थे। हमने उनकी बात का जवाब दिया। कांग्रेस नेताओं ने इस बात को स्वीकार किया कि कुछ सदस्य कैबिनेट में जगह पाने के लिए पार्टी छोड़ने की धमकी दे रहे हैं। इसका जल्द ही
एचडी कुमारस्वामी पर असर पड़ सकता है। जोरीखोली भाई- मंत्री रमेश जारीखोली और उनके भाई सतीश ने धमकी का ही सहारा लिया था। माना जा रहा था कि वह कांग्रेस छोड़ने की योजना बना रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा समझौता करने की वजह से समस्या का समाधान निकला था।