विजयपुरा जिले में रविवार दोपहर एक विमान हादसा हो गया। कलबुर्गी की रेडबर्ड एविएशन का एक निजी मिनी प्रशिक्षण विमान बाबलेश्वर तालुका के मंगलूरू गांव के पास एक खुले खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त विमान में सवार कैप्टन कुणाल मल्होत्रा और प्रशिक्षु पायलट गौतम शंकर पी आर ने विमान के जमीन से टकराने से पहले ही खुद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रेड बर्ड कंपनी का यह दो-सीटर ट्रेनिंग विमान था। क्रैश से ठीक पहले पायलट और प्रशिक्षु विमान से बाहर निकलने में सफल रहे। टक्कर के बाद विमान तीन हिस्सों में टूट गया। हादसे में दोनों को चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दो सीटों वाला यह सेसना 172 विमान कलबुर्गी से बेलगावी जा रहा था। हादसे के बाद विमान तीन टुकड़ों में टूट गया। घायल हुए दोनों पायलटों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, रेडबर्ड फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी लिमिटेड का सेसना 172 विमान (रजिस्ट्रेशन VT-EUC, MSN-17265717) ने बेलगावी हवाई अड्डे से करीब 100 किलोमीटर पूर्व, बागलकोट के पास एक खेत में आपातकालीन लैंडिंग की।
50 साल पुराना था विमान, ईंधन की कमी से खेत में गिरा: मंत्रालय
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रविवार को कर्नाटक में हुए रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग एकेडमी के विमान हादसे का कारण ईंधन की कमी (फ्यूल स्टार्वेशन) को बताया है। 1975 में बना यह सेसना 172 विमान कलबुर्गी से बेलगावी जा रहा था। मंत्रालय ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि मुख्य पायलट और प्रशिक्षु उड़ान से पहले पर्याप्त ईंधन भरना भूल गए थे। इस घटना की विस्तृत जांच अब डीजीसीए और एएआईबी द्वारा की जाएगी। एकेडमी ने इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
बता दें कि रेडबर्ड के साथ विमान का पंजीकरण मई 2023 में हुआ था। मुख्य पायलट के पास 734 घंटे का उड़ान अनुभव था। एकेडमी के पास 48 विमानों का बेड़ा है और इसकी मान्यता 2030 तक वैध है। विमान का निरीक्षण अगस्त 2025 में हुआ था, जिसमें उसे उड़ने के लिए फिट पाया गया था। इसका एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट अगस्त 2026 तक वैध है।