कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफा देने के थोड़ी ही देर बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी मुख्यालय में मीडिया से रु-ब-रू हुए। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष लगातार आरएसएस, भाजपा, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लगाए जा रहे आरोप को जारी रखा।
राहुल गांधी ने अपनी बात बीएस येदियुरप्पा समेत सभी भाजपा विधायकों के राष्ट्रगान से पहले ही कर्नाटक विधानसभा सदन से चले जाने से शुरू की। इसका सार यही था कि भाजपा और आरएसएस को इस देश, देश के लोकतंत्र, लोकतंत्र की संस्था, मर्यादा, इसके विधि-विधान पर कोई भरोसा नहीं है।
राहुल गांधी के आभा मंडल पर कर्नाटक में भाजपा की सरकार गिरने और कांग्रेस के राजनीतिक अभियान की सफलता दमक रही थी। उनके एक-एक वाक्य में तीखापन था। खास बात यह थी राहुल गांधी पिछले काफी समय से लगाए जा रहे अपने एक के बाद एक आरोप में नए आरोप को जोड़कर सभी को घटनाक्रम से जोड़कर सही साबित कर रहे थे। ऐसा करते समय उनके चेहरे का आत्म विश्वास देखने लायक था। सधे अंदाज में वह भाजपा को आईना दिखाने की मुद्रा में नजर आ रहे थे।
पीएम आप एक तरह से भ्रष्ट हो
राहुल गांधी का यह अबतक का सबसे तीखा हमला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी आप तो जानते थे कि संख्या बल नहीं है। इसके बाद भी आपने और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कैसे कर्नाटक में खुलेआम कांग्रेस और जद(एस) के विधायकों के खरीद-फरोख्त की अनुमति दे दी। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसके साथ आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ईमानदारी की बात करके भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।
अपने हमले कांग्रेस अध्यक्ष ने यह कहकर तीखी मिर्च लगाई कि देश के संस्थान आपके(भाजपा) पैसे और बल से बड़े हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने येदियुरप्पा की सरकार गिरने को प्रधानमंत्री के लिए संदेश माना।
उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री के लिए संदेश है कि देश का उच्चतम न्यायालय, देश की संस्थाएं, देश का लोकतंत्र, देश और देश की जनता उनसे (प्रधानमंत्री) बड़ी है। प्रधानमंत्री को इनका सम्मान करना चाहिए। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष ने संदेह जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रशिक्षण हासिल है। इसलिए शयद वह ऐसा न कर पाएं।