क्रिकेट के मैदान पर आईपीएल के रोमांच से पहले ही कर्नाटक विधानसभा में टिकटों को लेकर बवाल शुरू हो गया है। मामला बेंगलुरु के मशहूर चिन्नास्वामी स्टेडियम में विधायकों को मिलने वाले वीआईपी पास से जुड़ा है। विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने सरकार को निर्देश दिया है कि आईपीएल मैचों के दौरान हर विधायक के लिए 4 वीआईपी टिकट सुनिश्चित किए जाएं।
'हमें लाइन में खड़ा होना पड़ता है'
गुरुवार को सदन में दलीय राजनीति से ऊपर उठकर सभी विधायकों ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विपक्ष के नेता आर अशोक ने आरोप लगाया कि स्टेडियम मैनेजमेंट विधायकों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता है। उन्होंने कहा, "हमें सिर्फ एक टिकट दिया जाता है, वो भी हमारे नाम पर। अगर मैं नहीं जा पाऊं, तो मेरी पत्नी या बेटा भी उस टिकट पर मैच नहीं देख सकते। क्या एक विधायक की इतनी भी गरिमा नहीं है?"
अन्य विधायकों ने भी शिकायत की कि उन्हें निचले दर्जे की दीर्घाओं में बिठा दिया जाता है। इतना ही नहीं, स्टेडियम का स्टाफ उन्हें पहचानता तक नहीं। इस वजह से विधायकों को आम जनता की तरह लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता है।
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1600 रुपए मासिक किराए पर चिन्नास्वामी स्टेडियम
विपक्ष के नेता आर अशोक ने दावा किया कि सरकार की जमीन पर चिन्नास्वामी स्टेडियम बना है। सरकार ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) को महज 1600 रुपये प्रति महीने के मामूली किराए पर दी है। उन्होंने कहा कि उनके पास करोड़ों रुपये हैं, लेकिन वे हमें टिकट के लिए भीख मंगवाते हैं। हम मुफ्त टिकट नहीं मांग रहे, हम पैसे देने को तैयार हैं, लेकिन सम्मान तो मिलना चाहिए। इतना ही नहीं, विपक्ष के नेता अशोक ने सरकार को सुझाव भी दिया है। उन्होंने कहा कि अगर KSCA सीधा नहीं होता, तो स्टेडियम में शराब परोसने के लिए दिए गए CL-4 लाइसेंस को कड़ा किया जाए।
विधानसभा अध्यक्ष का आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि मैं खुद KSCA का वोटिंग मेंबर हूं और अध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। विधायकों की मांग में कुछ भी गलत नहीं है। मैं उनसे इस बारे में बात करूंगा।
बताते चलें कि 28 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरू और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच सीजन का पहला मैच होना है। इसलिए स्पीकर ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्पीकर खादर ने कहा, "अब आईपीएल टिकटों के लिए मेरे पास मत आना, सीधे डिप्टी सीएम को पकड़ना."