कर्नाटक कांग्रेस में चल रहे विवाद के बीच मंत्री जमीर अहमद खान ने बगावत के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ पार्टी कार्यकर्ता हैं और किसी नेतृत्व की चाह नहीं रखते। दावणगेरे उपचुनाव को लेकर टिकट विवाद के बाद पार्टी में हलचल बढ़ी थी।
कर्नाटक कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान की खबरों के बीच राज्य के मंत्री जमीर अहमद खान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि वह किसी भी तरह की बगावत या साजिश में शामिल नहीं हैं और खुद को किसी समुदाय का बड़ा नेता नहीं मानते। इस बयान के बाद पार्टी के अंदर चल रही हलचल पर नई बहस शुरू हो गई है।
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यह विवाद दावणगेरे साउथ उपचुनाव को लेकर सामने आया, जहां पार्टी के कुछ फैसलों के बाद नाराजगी की खबरें आई थीं। कांग्रेस ने एमएलसी नसीर अहमद को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार पद से हटाया और के. अब्दुल जब्बार का इस्तीफा स्वीकार किया। इसके बाद अंदरूनी तौर पर यह चर्चा शुरू हुई कि इन घटनाओं के पीछे जमीर खान की भूमिका हो सकती है।
जमीर खान पर बगावत के आरोप?
जमीर खान पर आरोप लगे कि उन्होंने अल्पसंख्यक नेताओं में असंतोष पैदा कर खुद को बड़ा नेता बनाने की कोशिश की। हालांकि उन्होंने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि वह सिर्फ पार्टी के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि टिकट मांगना गलत नहीं है, लेकिन उन्होंने किसी खास व्यक्ति का नाम आगे नहीं बढ़ाया।
टिकट को लेकर हुआ था विवाद
जमीर खान ने बताया कि उन्होंने दावणगेरे सीट पर किसी एक नेता की बजाय सात मुस्लिम उम्मीदवारों में से किसी एक को मौका देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि यह बात उन्होंने खुलकर पार्टी बैठक में रखी थी और इसमें कोई गोपनीयता नहीं थी।
नेताओं के इस्तीफे से बढ़ा विवाद
उन्होंने कहा कि के. अब्दुल जब्बार पहले ही इस्तीफा दे चुके थे और उन्हें इसकी जानकारी बाद में मिली। वहीं नसीर अहमद को हटाने के फैसले के पीछे की वजह भी उन्हें नहीं पता है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को उनसे जोड़ना सही नहीं है।
क्या मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात?
जमीर खान ने कहा कि वह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मिलकर पूरे मामले की जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि कुछ फैसले उनके दावणगेरे नहीं जाने के कारण लिए गए, जिसे वह स्पष्ट करना चाहते हैं। जमीर खान ने कहा कि पार्टी में किसी तरह का बड़ा विवाद नहीं है और सभी नेता मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि शुरुआती नाराजगी अब खत्म हो चुकी है और पार्टी दावणगेरे में जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है।