कर्नाटक के मंत्री एचके पाटिल ने अवैध खनन मामले की शिकायत मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर की है। उन्होंने सीएम से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं बंगलूरू में करंट लगने से 10 साल के बच्चे की मौत के मामले में शहर के बिजली विभाग के अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज किया गया है।
कर्नाटक के कानून मंत्री एच. के. पाटिल ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक पत्र लिखकर राज्य में अवैध खनन मामलों में हो रही लापरवाही पर चिंता जताई है। उन्होंने मांग की है कि दोषियों को सजा मिले और सरकार को हुए ₹1.5 लाख करोड़ के नुकसान की भरपाई की जाए।
विज्ञापन
सात पन्नों के पत्र में सख्त काईवाई की मांग
मंत्री पाटिल ने 18 जून को लिखे गए सात पन्नों के पत्र में कहा कि 2007 से 2011 के बीच दर्ज 12,000 से ज्यादा मामलों में सिर्फ 7.6% की जांच हुई है और केवल 0.2% मामलों में ही फैसला आया है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में सख्त कदम उठाने की मांग की है।
उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने 2010 में 320 किमी लंबी पदयात्रा कर अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके साथ ही मंत्री पाटिल ने सुझाव दिया है कि सरकार को रिकवरी कमिश्नर की नियुक्ति, नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन और विशेष अदालत की स्थापना करनी चाहिए ताकि शेष मामलों की तेजी से जांच और सुनवाई हो सके।
विज्ञापन
बंगलूरू में 10 साल के बच्चे की करंट से मौत, अधिकारियों पर केस दर्ज
बंगलूरू के के.आर. पुरम इलाके में एक 10 साल के बच्चे की करंट लगने से मौत के मामले में बीबीएमपी और बीईएससीओएम अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ये घटना 15 जून को हुई जब आनंत, जो नेपाल का रहने वाला था, अपने किराए के मकान की तीसरी मंजिल पर झाड़ू से खेलते समय हाई टेंशन वायर के संपर्क में आ गया। उस समय वह घर में अकेला था और उसकी मां काम पर गई हुई थी।
पड़ोसियों ने पहुंचाया अस्पताल, इलाज के दौरान मौत
करंट लगने के बाद पड़ोसियों ने बच्चे की चीख सुनकर उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने बताया कि पीड़ित की मां की शिकायत पर भवन मालिक, बीबीएमपी और बीईएससीओएम अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु) के तहत मामला दर्ज किया गया है।