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शिवकुमार को झटका: मंत्री बनते ही रामलिंगा रेड्डी का इस्तीफा, बोले-पार्टी में रहूंगा; विभाग बंटवारे से थे नाराज

Fri, 05 Jun 2026 09:08 AM IST
Rahul Kumar पीटीआई, बंगलूरू

सार

Ramalinga Reddy Resignation: कर्नाटक सरकार में विभागों के बंटवारे के बाद मंत्री रामलिंगा रेड्डी की नाराजगी सामने आई है। उन्हें जल संसाधन विभाग दिए जाने से वे संतुष्ट नहीं बताए जा रहे हैं। रेड्डी बंगलूरू विकास विभाग चाहते थे और इसी को लेकर उन्होंने बैठक में नाराजगी जताई। आज सुबह उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।
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शिवकुमार सरकार में रार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कर्नाटक सरकार में विभागों के बंटवारे के बाद मंत्री रामलिंगा रेड्डी की नाराजगी सामने आई है। उन्हें जल संसाधन विभाग (वाटर रिसोर्सेज) दिए जाने से वे संतुष्ट नहीं हैं और इस मुद्दे पर उन्होंने अपनी असहमति भी जताई है। इसी नाराजगी के बीच अब उन्होंने इस्तीफा भी दे दिया है।
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इस्तीफे के बाद क्या बोले रामलिंगा रेड्डी
इस्तीफे के बाद रेड्डी ने साफ किया कि उन्होंने केवल मंत्री पद छोड़ा है, कांग्रेस पार्टी नहीं। उन्होंने आगे कहा, 'मैं अपनी अंतरात्मा के खिलाफ काम नहीं कर सकता, इसलिए मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं।' उन्होंने कहा कि वे विधायक बने रहेंगे और कांग्रेस से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि वह पिछले 53 वर्षों से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा बरकरार है। उन्होंने कभी किसी से मंत्री पद की मांग नहीं की। उन्होंने याद दिलाया कि वह पूर्व मुख्यमंत्री एम. वीरप्पा मोइली और एस.एम. कृष्णा की सरकारों में भी मंत्री रह चुके हैं और पार्टी ने उन्हें हमेशा जिम्मेदारियां दी हैं। रेड्डी ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक संगठन और सरकार दोनों में काम किया है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार रात अपने 13 मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन किया। इस दौरान रामलिंगा रेड्डी को जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि रेड्डी बंगलूरू विकास विभाग मिलने की उम्मीद कर रहे थे और इसी विभाग पर उनका दावा था।
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सूत्रों के अनुसार, विभागों के आवंटन को लेकर गुरुवार को हुई बैठक के दौरान रेड्डी अपनी नाराजगी जताते हुए बीच में ही बाहर चले गए थे। बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री को वर्ष 2023 में किए गए उस वादे की भी याद दिलाई, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि भविष्य में कैबिनेट फेरबदल होने पर उन्हें बंगलूरू विकास विभाग दिया जाएगा। 

मामले में क्या बोले प्रियांक खरगे?
इस्तीफे के बाद कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। इस बीच मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि रामलिंगा रेड्डी पार्टी और राज्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण नेता हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता इस मामले का समाधान निकाल लेंगे। प्रियंक खरगे ने कहा कि कांग्रेस में बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने की परंपरा रही है। रेड्डी के इस्तीफे को लेकर फिलहाल पार्टी नेतृत्व लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

किसे कौन से विभाग मिला?

मंत्री

विभाग

डी.के. शिवकुमार

वित्त, मंत्रिमंडल मामले,
कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (डीपीएआर),
खुफिया विभाग और अन्य अविभाजित विभाग

यतींद्र सिद्धारमैया

शहरी विकास विभाग

जी. परमेश्वर

राजस्व और खेल विभाग

के.एच. मुनियप्पा

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग

के.जे. जॉर्ज

ऊर्जा और पर्यटन department

एम.बी. पाटिल

बड़े एवं मध्यम उद्योग तथा आधारभूत संरचना विभाग

रामलिंगा रेड्डी
(इस्तीफा दिया)

जल संसाधन (प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई) विभाग

सतीश जारकीहोली

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी)

कृष्णा बायर गौड़ा

ग्रेटर बंगलूरू विकास विभाग

प्रियांक खरगे

गृह विभाग (खुफिया शाखा को छोड़कर),
सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी (आईटी-बीटी) तथा ई-गवर्नेंस

यू.टी. खादर

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग

बैराथी सुरेश

परिवहन विभाग

शरण प्रकाश पाटिल

चिकित्सा शिक्षा और कौशल विकास विभाग

ईश्वर खंड्रे

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज (आरडीपीआर) विभाग


बंगलूरू डेवलपमेंट विभाग पर अड़े थे रेड्डी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आठ बार विधायक रह चुके रेड्डी ने बंगलूरू डेवलपमेंट के अलावा कोई और मंत्रालय लेने से इनकार कर दिया था। हालांकि, उन्हें इसके बजाय सिंचाई विभाग दिया गया था। वहीं, बंगलूरू डेवलपमेंट विभाग को कर्नाटक सरकार में सबसे अहम विभागों में से एक माना जाता है, ये विभाग कृष्णा बायरे गौडा को सौंपा गया है।

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