पत्नी से तंग आ चुके कर्नाटक के एक शख्स ने वट सावित्री व्रत रख ये कामना की कि अगले जन्म उसे ऐसे पत्नी न मिले। शशिधर रामचंद्र कोपार्डे नाम का यह शख्स अपनी पत्नी से इतना तंग आया कि उसने उसे छुटकार पाने के लिए ये तरकीब अपनाई।
बता दें कि वट सावित्री व्रत एक महिला अपने पति की लंब उम्र के लिए रखती हैं। पत्नी से पीड़ित पुरुषों के लिए संतवन केंद्र भी चलाने वाले कोपार्डे ने कहा कि 'मैं अगले जन्म में ब्रह्मचारी रहना पसंद करूंगा लेकिन ऐसी पत्नी के साथ नहीं रह पाऊंगा जो मेरे परिवार के खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज करवाती है।'
उन्होंने आगे कहा 'मैंने इन तमात परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए बरगद के पेड़ की पूजा की है। और साथ ही परंपरा के अनुसार धागा भी बांधा है।'
मान्यता है कि जो भी वट पूर्णिमा का व्रत पूजा-विधि से करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ वट वृक्ष की भी पूजा होती है।