बेलगावी से पुलिस ने एक 30 साल के शख्स को गिरफ्तार किया है। उसने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नकली हस्ताक्षर करके पत्र को कर्नाटक उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री को उसे टाइपिस्ट की नौकरी देने की अनुशंसा करते हुए भेज दिया।
विधान सौधा पुलिस का कहना है कि संजय कुमार उदेद एक निजी कंपनी में काम करता है। उसे उच्च न्यायालय के उप पंजीयक राजेश्वरी की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि संजय ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय के फर्जी हस्ताक्षर करके एक अनुशंसा प्रमाणपत्र तैयार किया। उसने इंटरनेट से कई सैंपल डाउनलोड किए और फिर पीएम के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए।
धारवाड़ से रजिस्ट्रार के दफ्तर तक फरवरी में पोस्ट के जरिए पत्र पहुंचा। इसमें रजिस्ट्री को निर्देश दिए गए थे कि वह संजय को टाइपिस्ट की नौकरी दे दें। विशेष जांच दल ने आरोपी को बेलगावी से गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट अधिकारी पीएम का पत्र देखकर चौंक गए थे।
पुलिस ने कहा, 'उन्होंने पत्र को सत्यापन के लिए उच्च न्यायालय की सतर्कता विंग के पास भेजा। टीम ने पीएमओ से बात की जिससे इस बात की पुष्टि हुई कि वहां से अनुशंसा के लिए कोई पत्र नहीं भेजा गया है।' एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'संजय ने टाइपराइटिंग कोर्स पूरा किया है। वह एक सरकारी नौकरी की तलाश कर रहा था और उसने सोचा कि उसे वह बहुत आसानी से मिल जाएगी यदि वह पीएमओ का एक फर्जी अनुशंसा पत्र तैयार कर ले।'