कर्नाटक के गृह मंत्री परमेश्वर ने बताया कि अगर आज मसौदा तैयार हो जाता है, तो उसे अगले दिन यानी गुरुवार को कैबिनेट में पेश किया जाएगा। इसके बाद यह जल्दी ही लागू हो सकता है। साथ ही जी परमेश्वर ने राज्य में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के द्वारा की जा रही गुंडागर्दी पर बातचीत की।
कर्नाटक में माइक्रोफाइनेंस से कर्जदारों के हितों की रक्षा के लिए एक अध्यादेश के मसौदे पर बुधवार को बैठक होने वाली है। इस बात की जानकारी कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने दी है। उन्होंने बताया कि बैठक के बाद मसौदे को गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में पेश किया जाएगा और फिर इसे राज्यपाल थावरचंद गहलोत को भेजा जाएगा। राज्य गृह मंत्री ने कहा कि बैठक में कानून और संसदीय कार्य मंत्री एच के पाटिल, राजस्व मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा और वे खुद शामिल होंगे। इस बैठक में वे मसौदे पर चर्चा करेंगे और उसे अंतिम रूप देंगे।
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कंपनियों के खतरों को नियंत्रित करने के आदेश
सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के खतरों को नियंत्रित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। परमेश्वर ने कहा कि उनके मसौदा अध्यादेश में उपायुक्तों को अधिक अधिकार देने की बात की गई है और एक विशेष विंग बनाने की सिफारिश की गई है। साथ ही कर्जदारों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
जल्द लागू हो सकता है आदेश
कर्नाटक के गृह मंत्री परमेश्वर ने बताया कि अगर आज मसौदा तैयार हो जाता है, तो उसे अगले दिन यानी गुरुवार को कैबिनेट में पेश किया जाएगा। इसके बाद यह जल्दी ही लागू हो सकता है। साथ ही जी परमेश्वर ने राज्य में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के द्वारा की जा रही गुंडागर्दी पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने पैसे वसूलने के लिए बाहरी फर्मों को आउटसोर्स किया है, जो गुंडागर्दी जैसी हरकतें करती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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राज्य के दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर भी बोले मंत्री
इसके साथ ही जब राज्य गृहमंत्री जी परमेश्वर से दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि यह नया हवाई अड्डा उनके गृह जिले तुमकुरु के पास बने, क्योंकि इससे उत्तर कर्नाटक के यात्रियों को काफी फायदा होगा और उन्हें बेंगलुरु जाने में सुविधा होगी।
सीएम सिद्धारमैया ने बुलाई थी बैठक
गौरतलब है कि माइक्रोफाइनेंस कंपनियों द्वारा उधारकर्ताओं के साथ किए गए कथित अत्याचारों को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को एक बैठक बुलाई थी। मुख्यमंत्री ने इन कंपनियों को उधारकर्ताओं को परेशान न करने की सख्त चेतावनी दी थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में अब तक माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के खिलाफ सात मामले दर्ज किए गए हैं।