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कर्नाटक: मदरसे में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब, मुस्लिम और हिंदू जोड़ों ने की शादी

Sat, 22 Feb 2020 02:21 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेलागवी
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के आने के बाद देश में जहां हिंदू-मुस्लिम के बीच कड़वाहट पैदा करने की कोशिश की जा रही है। आए दिन नेता विवादित बयान दे रहे हैं वहीं कर्नाटक के बेलागावी जिले में लोगों ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की है। सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देते हुए यहां एक मदरसे में सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। इस सामूहिक विवाह में 75 मुस्लिम जोड़े और 25 हिंदू जोड़े शादी के पवित्र बंधन में बंध गए।

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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक बेलागवी जिला मुख्यालय से 50 किमी और बंगलूरू से 480 किमी दूर स्थित बेलीहंगल में स्थित मदरसा अल अरबिया अनवारुल उलूमा में इस समारोह का आयोजन किया गया। इस मदरसे में हुए इस सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन जामिया फैजान-उल-कुरान और ईसा फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से किया था।

मौलवी और पंडित ने पूरा कराया रस्म
बेलीहंगल में मौलवी और पंडित ने शादी की रस्मों को पूरा कराया और इस दौरान नवविवाहित जोड़ों से कुरान और भागवत गीता का एक पैराग्राफ भी पढ़ने को कहा गया। इसके साथ ही नवविवाहित हिंदू जोड़ों को गीता और मुस्लिम जोड़ों को कुरान एक-एक प्रति दी गई। आयोजकों ने हिंदू दुल्हनों को  मंगलसूत्र भी प्रदान किया। इस कार्यक्रम में बेलीहंगल के विधायक महंत कौजलागी ने भी शिरकत किया और सभी को आशीर्वाद दिया। इस कार्यक्रम में 4,000 से अधिक लोग शामिल हुए। जामिया फैजान-उल-कुरान के सदस्य मोहम्मद रफीक ए नाइक ने कहा कि उन्होंने प्रत्येक जोड़े को एक रेफ्रिजरेटर, एक अलमीरा और एक सिलाई मशीन गिफ्ट के रूप में दी है।
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रंजीता कलाला नाम की एक दुल्हन, जिसकी शादी एक दिहाड़ी मजदूर से हुई ने बताया कि मेरे माता-पिता हमारी शादी का खर्च नहीं उठा सकते थे। लेकिन जब मैंने बेलीहंगल में सामूहिक विवाह के बारे में पढ़ा तो हम यहां शादी के लिए राजी हो गए क्योंकि यह लोगों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देता है।

सामूहिक विवाह के दौरान अनोखा संयोग देखने को मिला जहां एक ओर निकाह की दुआ पढ़ी जी रही थी वहीं दूसरी ओर शादी के मंत्रोच्चार से मंडप गूंज रहा था। इस सामूहिक विवाह समारोह से एक महीने पहले केरल के कायमकुलम स्थित अलाप्पुझा में 100 साल पुरानी चेरवली जमात मस्जिद में भी एक हिंदू विवाह का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में 4,000 लोगों के लिए शाकाहारी भोजन बनाए गए थे और हिंदू रीति-रिवाजों के तहत शादी को संपन्न कराया गया था। इतना ही नहीं शादी के बाद नवविवाहित जोड़े ने मस्जिद के इमाम रियासुद्दीन फैजी से आशीर्वाद लिया था।

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