प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के निलंबित किए गए चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस साहूकार, सदस्य शांता होसमनी और कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई वेटनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। यह जानकारी एक अधिकारियों ने दी।
क्या आरोप है?
आरोप है कि कुछ बिचौलियों ने शिकायतकर्ता समेत उम्मीदवारों को फोन किया। इसके साथ ही चयन के लिए 70 से 80 लाख रुपये (प्रति उम्मीदवार) की रिश्वत मांगी। अधिकारियों ने बताया कि मामले के शिकायतकर्ता ने पुलिस को इन बिचौलियों की ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, ईडी की जांच में पेपर लीक, ओएमआर आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ और केपीएससी अधिकारियों के रिश्तेदारों के अंतिम चयन में मदद करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। जुलाई में, कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत ने साहूकार को उनकी दो बेटियों के इंडस्ट्रियल एक्सटेंशन ऑफिसर के तौर पर अवैध चयन में मदद करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया था।