सिरोया ने 9 दिसंबर को लिखे पत्र में सवाल किया कि सीएम सिद्धरमैया वक्फ संपत्तियों के आपराधिक दुरुपयोग और अतिक्रमण पर लोकायुक्त रिपोर्ट को क्यों छिपा रहे हैं। पत्र में लिखा गया है, आपका ध्यान कर्नाटक के पूर्व उप लोकायुक्त जस्टिस एन आनंद की जांच रिपोर्ट की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, जिसे मार्च 2016 में कर्नाटक सरकार को सौंपा गया था।
भाजपा सांसद लहर सिंह सिरोया ने वक्फ संशोधन विधेयक पर मंथन कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल को लिखे एक पत्र में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर लोकायुक्त रिपोर्ट को दबाने का आरोप लगाया है।
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यह रिपोर्ट 2016 में तत्कालीन सिद्धरमैया सरकार को सौंपी गई थी, जिसमें वक्फ संपत्तियों का मुद्दा उठाया गया था। सिरोया ने 9 दिसंबर को लिखे पत्र में सवाल किया कि सीएम सिद्धरमैया वक्फ संपत्तियों के आपराधिक दुरुपयोग और अतिक्रमण पर लोकायुक्त रिपोर्ट को क्यों छिपा रहे हैं। पत्र में लिखा गया है, आपका ध्यान कर्नाटक के पूर्व उप लोकायुक्त जस्टिस एन आनंद की जांच रिपोर्ट की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, जिसे मार्च 2016 में कर्नाटक सरकार को सौंपा गया था। इस उच्चस्तरीय जांच में विस्तृत रूप से कर्नाटक में दशकों से वक्फ संपत्तियों के आपराधिक दुरुपयोग, कुप्रबंधन, अवैध रूप से किराये पर देने और सीधे अतिक्रमण का दस्तावेजीकरण किया गया है।