कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राज्य के मुख्यमंत्री बनते हैं, तो पार्टी के सभी लोग उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा, खरगे एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं। इसलिए, अगर वह मुख्यमंत्री बनते हैं तो सभी को खुशी होगी।
जी परेमश्वर ने क्या कहा?
परमेश्वर ने यह भी कहा कि राज्य की जनता से किए गए 'अच्छे शासन' के वादे को पूरा करना सबसे ज्यादा जरूरी है। वहीं, पार्टी के अंदर मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चर्चा जारी और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पार्टी और सियासी हलकों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि चार मई के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है और मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जा सकता है। उसी दिन कई राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आएंगे।
'खरगे मुख्यमंत्री बनेंगे तो खुशी होगी'
पत्रकारों से बातचीत में परमेश्वर ने कहा, अगर खरगे मुख्यमंत्री बनते हैं, तो हमें खुशी होगी। वह एक अनुभवी नेता हैं। हम सभी उनका स्वागत करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि खरगे कर्नाटक से होने के बावजूद नेतृत्व के मुद्दे पर फैसला क्यों नहीं ले रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और बिना पूरी जानकारी के टिप्पणी करना सही नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान ही इस मामले में अंतिम फैसला करेगा, क्योंकि उसे राज्य की पूरी स्थिति की जानकारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है कि खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
पार्टी के भीतर बढ़ी खींचतान
पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर खींचतान उस समय से और बढ़ गई है, जब यह चर्चा हो रही है कि सरकार के आधे कार्यकाल पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री बदला जा सकता है। 2023 में सरकार बनने के समय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के बीच कथित सत्ता साझेदारी की बात इस चर्चा की वजह मानी जा रही है।
हाई कमान के अंतिम फैसले का पालन करेंगे: डीके सुरेश
वहीं, नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस के पूर्व सांसद डीके सुरेश ने बुधवार को कहा कि वह और उनके भाई (उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार) पार्टी हाई कमान के के अंतिम फैसले का पालन करेंगे। उन्होंने कहा, हाल ही में नई दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने या उनके भाई ने पार्टी नेतृत्व के साथ सत्ता बंटवारे पर कोई चर्चा नहीं की।
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बार-बार दिल्ली जाने के सवाल पर क्या कहा?
सुरेश ने पत्रकारों से कहा,अभी इस पर चर्चा करने का समय नहीं है। यह मामला हाई कमान पर छोड़ा गया है। हमने कहा है कि हाईकमान जो भी फैसला करेगा, हम उसे मानेंगे। दिल्ली जाने का कारण पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह और शिवकुमार वहां नियमित रूप से जाते हैं। उन्होंने कहा, अगर मैं कभी-कभार जाऊं तो आप सवाल कर सकते हैं। वरना हम महीने में कम से कम एक-दो बार जाते हैं।
हाल ही के दिल्ली दौरे में किसी अच्छी खबर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हर बार राजधानी जाने पर अच्छी खबर मिलती है। सुरेश ने कहा, कभी हम पार्टी के काम से जाते हैं, कभी निजी काम से और कभी सरकार से जुड़े काम से। इसमें कुछ खास नहीं है।