कर्नाटक के शिवमोगा जिले में हुलिकल घाट पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहां भूस्खलन की चपेट में आने से तीन मजदूरों की जान चली गई और चार अन्य घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को इस घटना की जानकारी दी। मृतकों की पहचान 37 वर्षीय राघवेंद्र, 30 वर्षीय राजू और 40 वर्षीय शब्बीर के रूप में हुई है। ये सभी मजदूर वहां सुरक्षा दीवार बनाने के काम में लगे थे। यह घटना गुरुवार दोपहर होसनगरा तालुक के हुलिकल घाट के एक मोड़ (हेयरपिन बेंड) पर हुई। उस समय कुंडापुरा-शिवमोगा मार्ग पर काम चल रहा था।
अधिकारियों के मुताबिक, पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें नीचे गिर गईं, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। कुल सात मजदूर इस भूस्खलन की चपेट में आए थे, जिनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई। बचाव दल ने मलबे से चार घायल मजदूरों को बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए कुंडापुरा और उडुपी के पास के अस्पतालों में भर्ती कराया।
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यह हादसा उस समय हुआ जब घाट वाले हिस्से में वाहनों की सुरक्षा के लिए एक सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) बनाई जा रही थी। यह इलाका अपनी खड़ी ढलानों और भूस्खलन के खतरे के लिए जाना जाता है। घटना के बाद मंगलुरु से एसडीआरएफ (SDRF) की टीम शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंची और राहत कार्य संभाला। पुलिस, दमकल और आपातकालीन विभाग के कर्मचारी भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों को शक है कि ऊपरी ढलान से ढीली मिट्टी और चट्टानों के अचानक गिरने से यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है कि क्या काम वाली जगह पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे।
मुख्यमंत्री ने मुआवजे का किया एलान
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। घायलों को कुंडापुर और उडुपी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एसडीआरएफ, पुलिस और फायर टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य चलाया। घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
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