जी. परमेश्वर
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धर्मस्थल सामूहिक कब्र मामले की जांच के लिए बनी विशेष जांच टीम से आईपीएस अधिकारी सौम्या लता हट गई हैं। जब इसे लेकर राज्य के गृहमंत्री जी परमेश्वर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि 'उन्हें आईपीएस सौम्या लता के एसआईटी से हटने की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन गैर-आधिकारिक सूत्रों से इस बारे में पता चला है कि उन्होंने जांच टीम से हटने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने निजी कारणों का हवाला देकर जांच टीम से हटने की बात कही है। जल्द ही उनकी जगह किसी अन्य अधिकारी को शामिल किया जाएगा।'
धर्मस्थल में सामूहिक कब्र के मामले का उस वक्त खुलासा हुआ, जब हाल ही में पुलिस को एक व्यक्ति ने पत्र लिखा। पत्र में दावा किया गया कि कई शव दबाव बनाकर धर्मस्थल में गोपनीय रूप से दफनाए हैं। यह व्यक्ति बेल्तांगढी कोर्ट के सामने पेश हुआ और मजिस्ट्रेट के सामने गवाही दी, जिसमें उसने कहा कि वह धर्मस्थल और आसपास कई शव दफनाने में शामिल था।
धर्मस्थल दक्षिण कन्नड़ जिले में है। यह एक प्रमुख तीर्थ स्थल है जहां भगवान मंजुनाथ की पूजा होती है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने शनिवार को कहा कि प्राथमिक जांच शुरू हो चुकी है और अगर जरूरत पड़ी तो सरकार एसआईटी बनाने का फैसला करेगी। परमेश्वर ने कहा कि स्थानीय पुलिस पूर्व सफाई कर्मचारी के बयान के आधार पर प्रारंभिक जांच कर रही है, जिसने क्षेत्र में सैकड़ों शव दफनाने का दावा किया है। अगर और जांच की जरूरत होगी, तो सरकार फैसला करेगी। जब प्राथमिक जांच जारी है, तो एसआईटी की मांग क्यों? पुलिस विभाग का काम क्या है?