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हिजाब विवाद: नए साल के आखिर में शुरुआत, पूरे देश में छाया उडुपी से उठा मामला, जानें अब तक क्या-क्या हुआ

Wed, 09 Feb 2022 06:49 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

कर्नाटक में स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनकर आने को लेकर शुरू हुआ विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस रिपोर्ट में पढ़िए इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई और अब तक इसमें क्या-क्या हुआ है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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कर्नाटक के उडुपी में स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनने को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस विवाद की शुरुआत पिछले साल 31 दिसंबर को हुई थी जब उडुपी के सरकारी पीयू कॉलेज में हिजाब पहन कर आई छह छात्राओं को कक्षा में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। इसके बाद कॉलेज के बाहर प्रदर्शन भी हुआ था।

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कॉलेज प्रशासन ने 19 जनवरी 2022 को छात्राओं, उनके माता-पिता और अधिकारियों के साथ बैठक की थी। लेकिन इस बैठक का कोई परिणाम नहीं निकला था। इसके बाद 26 जनवरी को एक बार फिर बैठक की। उडुपी के विधायक रघुपति भट ने कहा कि जो छात्राएं बिना हिजाब के स्कूल नहीं आ सकती हैं वो ऑनलाइन पढ़ाई करें।

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दो फरवरी को कुंडापुर में भी शुरू हुआ विवाद
इसके अगले दिन यानी 27 जनवरी को छात्राओं ने ऑनलाइन माध्यम से कक्षा में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद दो फरवरी को उडुपी के कुंडापुर में सरकारी कॉलेज में भी हिजाब पर विवाद शुरू हो गया। मुस्लमि छात्राओं हिजाब पहनने के विरोध में हिंदू छात्र-छात्राएं भगवा शॉल और स्कार्फ पहन कर कॉलेज में पहुंचने लगे।

तीन फरवरी को छात्राओं को फिर से रोका गया
तीन फरवरी को पीयू कॉलेज में हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं को फिर से रोका गया। इसके बाद पांच फरवरी को कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी हिजाब पहनकर स्कूल आने वाली मुस्लिम छात्राओं के समर्थन में आए। उन्होंन एक ट्वीट में कहा कि हिजाब को शिक्षा के रास्ते में लाकर भारत की बेटियों का भविष्य छीना जा रहा है।

पांच फरवरी को यूनिफॉर्म का आदेश जारी हुआ
पांच फरवरी को राज्य सरकार ने कर्नाटक शिक्षा अधिनियम 1983 की धारा 133(2) लागू कर दी। इसके अनुसार सभी छात्र-छात्राओं के लिए कॉलेज में तय यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य कर दिया गया। यह आदेश सरकारी और निजी, दोनों कॉलेजों पर लागू किया गया। कई राजनीतिक दलों ने राज्य सरकार के इस फैसले की आलोचना भी की।

आठ फरवरी को विवाद ने ले लिया हिंसक रूप
आठ फरवरी को विवाद ने हिंसक रूप से लिया। कर्नाटक में कई जगहों पर झड़पें हुईं। कई जगहों से पथराव की खबरें भी सामने आईं। शिवमोगा का एक वीडियो सामने आया जिसमें एक कॉलेज छात्र तिरंगे के पोल पर भगवा झंडा लगा रहा था। मांड्या में बुरका पहने हुई एक लड़की के साथ अभद्रता की गई। फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट में है।
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हाईकोर्ट की बड़ी बेंच के पास भेजा गया मामला
हाईकोर्ट में गुरुवार को जस्टिस कृष्णा दीक्षित की एकल पीठ ने इस मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया है। इससे पहले मंगलवार को सीएम बसवराज बोम्मई ने राज्य में सभी हाईस्कूलों और कॉलेजों को तीन दिनों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया है। उन्होंने छात्रों और स्कूल-कॉलेज प्रबंधन से शांति बनाए रखने की अपील की है। 
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