पूर्व केंद्रीय मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने 2017 में नंजनगुड विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान कथित तौर पर देवासरहल्ली निवासी एक व्यक्ति को खुलेआम 100 रुपये दिए थे। इस मामले में एक चुनाव अधिकारी ने उनके खिलाफ नंजनगुड ग्रामीण पुलिस थाने में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई थी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और छह बार के सांसद वी श्रीनिवास प्रसाद को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फिलहाल राहत दी है। सोमवार को सुनवाई के दौरान दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति सुनील दत्त यादव ने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री वी श्रीनिवास प्रसाद के खिलाफ सुनवाई पर रोक लगा दी। गौरतलब है कि 2017 में 2017 में उपचुनाव के प्रचार के दौरान कथित रूप से आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज की गई थी।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने 2017 में नंजनगुड विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान कथित तौर पर देवासरहल्ली निवासी एक व्यक्ति को खुलेआम 100 रुपये दिए थे। इस मामले में एक चुनाव अधिकारी ने उनके खिलाफ नंजनगुड ग्रामीण पुलिस थाने में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई थी।
उनके खिलाफ विधायकों/सांसदों के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 171 एच (चुनाव के संबंध में अवैध भुगतान) के तहत एक मामला मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित है। इस मामले में बाद में वी श्रीनिवास प्रसाद ने प्राथमिकी और कार्यवाही को रद्द करने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
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इस मामले में सोमवार को दलीलें सुनने के बाद कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुनील दत्त यादव ने मामले में आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी। उन्होंने इस मामले में याचिका पर आगे की सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया है।