फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी हलफनामे में गड़बड़ी पड़ी भारी: कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द किया कांग्रेस MLA का चुनाव, जानें अब आगे क्या

Mon, 16 Feb 2026 09:35 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।

सार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बागेपल्ली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक एस.एन. सुब्बा रेड्डी के 2023 के चुनाव को अमान्य करार दे दिया है। उन पर चुनावी हलफनामे में अहम जानकारियां छुपाने का आरोप था। 
विज्ञापन
कर्नाटक हाईकोर्ट। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बागेपल्ली विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक एसएन सुब्बा रेड्डी का 2023 का चुनाव रद्द कर दिया है। अदालत ने उनके नामांकन में गड़बड़ियों का हवाला देते हुए नतीजे को अमान्य घोषित कर दिया।

विज्ञापन


जानकारी छुपाने का आरोप
जस्टिस एमजीएस कमल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सुब्बा रेड्डी ने नामांकन पत्र के साथ जमा किए गए हलफनामे में संपत्ति और देनदारियों से जुड़ी अहम जानकारी छिपाई, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है। कोर्ट के मुताबिक, प्रत्याशी द्वारा जरूरी सूचनाएं छिपाना चुनाव कानून के तहत अनुचित आचरण की श्रेणी में आता है। यह चुनाव याचिका उनके प्रतिद्वंद्वी और भाजपा उम्मीदवार सी. मुनिराजू ने दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता ने आवश्यक विवरण जानबूझकर नहीं दिए।

अब चुनाव आयोग लेगा फैसला
हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए सुब्बा रेड्डी का चुनाव निरस्त कर दिया, हालांकि मुनिराजू को निर्वाचित उम्मीदवार घोषित नहीं किया। अदालत ने कहा कि आगे की कार्रवाई अब कानून के मुताबिक चुनाव आयोग करेगा। कोर्ट ने चुनाव आयोग और कर्नाटक विधानसभा के सचिव को आदेश की सूचना देने का निर्देश देते हुए कहा कि सुब्बा रेड्डी को विधायक के रूप में मिलने वाले सभी विशेषाधिकार और सुविधाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाएं।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान सुब्बा रेड्डी के वकील ने फैसले पर रोक लगाने की मांग की ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सके, लेकिन हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

जानें क्या है मामला
2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी के एसएन सुब्बारेड्डी ने बागेपल्ली विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी। उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार मुनिराजु को हराय था। हार के बाद भाजपा उम्मीदवार ने सुब्बारेड्डी के नामांकन को अमान्य घोषित करने की मांग की थी। उनका आरोप था कि एसएन सुब्बारेड्डी द्वारा दाखिल नामांकन पत्र में कई गलतियां हैं।उन्होंने अपनी संपत्ति की जानकारी छिपायी थी और एक फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था।  इसके अलावा, प्रमाण पत्र में संपत्तियों के कर बकाया का उल्लेख नहीं था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें