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Karnataka: कॉपीराइट उल्लंघन मामले में राहुल को हाईकोर्ट से राहत; सिद्धारमैया-शिवकुमार के खिलाफ दर्ज केस रद्द

Fri, 16 Jun 2023 10:20 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

Karnataka: कर्नाटक उच्च न्यायालय से फिल्म के कॉपीराइट के उल्लंघन मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं को राहत दी है। अदालत ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर लगी रोक 23 जून तक के लिए बढ़ा दी गई है।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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कर्नाटक उच्च न्यायालय से फिल्म के कॉपीराइट के उल्लंघन के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राहत मिली है। उनके अलावा पार्टी अन्य नेताओं जयराम रमेश और सुप्रिया श्रीनेत के लिए भी अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर लगी रोक 23 जून तक के लिए बढ़ा दी गई है। 

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एमआरटी म्यूजिक ने दर्ज कराई थी खिलाफ शिकायत
कांग्रेस नेताओं के खिलाफ लहरी म्यूजिक की सहयोगी कंपनी एमआरटी म्यूजिक ने शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी ने आरोप लगाया गया है कि 'भारत जोड़ो यात्रा' के प्रचार के लिए बनाए गए वीडियो में फिल्म 'केजीएफ चैप्टर-2' के एक संगीत का इस्तेमाल किया गया है जो कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है। शिकायत आईपीसी, कॉपीराइट एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज कराई गई है।

सिद्धारमैया और शिवकुमार के खिलाफ दर्ज मामला रद्द
उच्च न्यायालय ने आज मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के खिलाफ जनवरी 2022 में 'मेकेदातु पदयात्रा' के दौरान कोविड-19 प्रतिबंधों के उल्लंघन के संबंध में एक मामले को रद्द कर दिया। तब वे विपक्ष में थे। दोनों कांग्रेस नेताओं और कई अन्य के खिलाफ कर्नाटक महामारी रोग अधिनियम और आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसे उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी गई थी।
 

महामारी अधिनियम के तहत नहीं थी अधिसूचना-अदालत 
न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने कहा कि राज्य सरकार ने पदयात्रा और इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कर्नाटक महामारी रोग अधिनियम के तहत कोई अधिसूचना जारी नहीं की थी। उच्च न्यायालय ने शिवकुमार के खिलाफ चार अन्य कार्यवाहियों को भी रद्द कर दिया, जो उनके खिलाफ उसी महामारी रोग अधिनियम के तहत शुरू की गई थीं।
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अदालत ने कहा, राज्य जिस अधिसूचना पर भरोसा करता है, वह आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जारी की गई है, न कि महामारी रोग अधिनियम के तहत। इसलिए जब तक महामारी रोग अधिनियम के तहत इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अधिसूचना जारी नहीं की जाती है, तब तक आपदा प्रबंधन अधिनियम का सहारा लेना और इसे महामारी रोग अधिनियम में लाना अनुपलब्ध है।

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