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कर्नाटक के अलग झंडे का डिजाइन तैयार, अनुमति के लिए केंद्र को भेजा

Thu, 08 Mar 2018 02:24 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की तारीख कभी भी आ सकती है। ऐसे में कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने एक बार फिर अलग झंडे को लेकर मुहिम तेज कर दी है। उन्होंने अपने राज्य का झंडा डिजाइन कर उसे अनुमति के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया है। 
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बता दें कि पिछले कई वर्षों से कर्नाटक सरकार राज्य के लिए अलग झंडे और सिंबल  की मांग कर रही है। पिछले साल सरकार ने 9 सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी, जिसे झंडा डिजाइन करने और सिंबल तय करने का जिम्मा दिया गया था।

कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है और अब इसे कानूनी मान्यता दिलाने का काम शुरू हो गया है। कर्नाटक सरकार ने झंडे की डिजाइन को केंद्र सरकार को भेज दिया है।  अगर यह फैसला लागू हो जाता है तो जम्मू-कश्मीर के बाद देश का दूसरा राज्य होगा, जिसका अपना झंडा होगा।  यह कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब कुछ ही महीने में राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। 
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कर्नाटक के अलग झंडे की मांग का विपक्षी पार्टियों ने विरोध भी किया

CM Siddaramaiah
कर्नाटक सरकार द्वारा अलग झंडे की मांग को लेकर विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध भी किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संविधान में 'एक देश एक झंडा' के सिद्धांत के आधार पर स्पष्ट किया कि तिरंगा ही पूरे देश का ध्वज है। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि हमारा एक देश हैं और हमारा एक झंडा है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है जो राज्यों के लिए अलग झंडे की अनुमति देता हो या ऐसा करने को प्रतिबंधित करता हो।

 हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्नाटक का अपना एक झंडा है जो जनता का प्रतिनिधित्व करता है सरकार का नहीं। राज्य में तमाम बड़े जनआयोजनों में इस झंडे का इस्तेमाल किया जाता है। इस झंडे को स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या अन्य सरकारी कार्यक्रमों में सरकार द्वारा नहीं फहराया जा सकता। 

बहरहाल, यदि राज्य के लिए अलग झंडे की कवायद को अमलीजामा पहना दिया जाता है तो कर्नाटक संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत विशेष दर्जा प्राप्त जम्मू-कश्मीर के बाद देश का दूसरा ऐसा राज्य बन जाएगा, जिसका आधिकारिक तौर पर अलग झंडा होगा।
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