कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने मंगलवार को मवेशी वध रोकथाम एवं संरक्षण विधेयक-2020 को मंजूरी दे दी है। इससे पहले 9 दिसंबर 2020 को इस विधेयक को राज्य के विधानसभा में पारित किया गया था।
बता दें कि इस विधेयक के अंतर्गत गाय और बछड़ों के अलावा भैंस एवं उनके बछड़ों के संरक्षण का भी प्रावधान है। आरोपी व्यक्ति के खिलाफ तेज कार्यवाही के लिए विशेष अदालत गठित करने का भी प्रावधान है। विधेयक में गौशाला स्थापित करने का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही पुलिस को जांच करने संबंधी शक्ति प्रदान की गई है।
बहरहाल, इससे संबंधी विधेयक को अभी तक विधान परिषद द्वारा मंजूरी नहीं मिली है, इसलिए कर्नाटक सरकार की ओर से इससे जुड़ा एक गौ-वध विरोधी अध्यादेश जारी किया गया है। राज्य सरकार ने मंगलवार को अध्यादेश जारी कर मवेशी की हत्या के लिए दंड का प्रावधान और उन्हें बचाने के लिए काम करने वाले लोगों को संरक्षण प्रदान किया है।
राज्य मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह कर्नाटक मवेशी वध रोकथाम एवं संरक्षण अध्यादेश-2020 को जारी करने का फैसला किया था, इसे अब राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। अध्यादेश के तहत, मवेशियों के वध के लिए तीन से सात साल तक की कैद और 50,000 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
वहीं बाद के अपराधों में सात साल तक की कैद और एक लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना होगा। सरकार ने पहले ही कहा है कि इसके लागू हो जाने के बाद, राज्य में गायों के वध पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।