कर्नाटक की भाजपा सरकार विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में प्रस्ताव पेश कर सकती है। शीर्ष सूत्रों ने सोमवार को बताया कि यह प्रस्ताव दो और तीन मार्च को होने वाली संविधान पर विशेष चर्चा के अंत में पेश किया जा सकता है। हालांकि इस कदम पर विधानसभा में हंगामा होना तय है क्योंकि विपक्षी दल कांग्रेस और जेडीएस सीएए का विरोध कर रहे हैं।
दरअसल, विधानसभा स्पीकर विश्वेश्वर हेगड़े केगेरी ने संविधान को अंगीकार किए जाने के 70 साल होने के उपलक्ष्य में विशेष चर्चा कराने का फैसला किया है। हालांकि स्पीकर ने उम्मीद जताई है कि यह विशेष चर्चा पूरी तरह संविधान पर केंद्रित रहेगी और पार्टी राजनीति से उठकर सभी विधायक इसमें भाग ले सकते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा शासित गुजरात सीएए के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर चुका है। वहीं, विपक्षी दलों द्वारा शासित केरल, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर चुके हैं। वहीं, तेलंगाना सरकार ने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने का फैसला किया है।