कर्नाटक में सिद्धारमैया मंत्रिमंडल से हाल ही में हटाए गए केएन राजन्ना ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में वह एक बार फिर मंत्री बनेंगे। मधुगिरी से कांग्रेस विधायक राजन्ना ने कहा कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद वह दिल्ली जाकर पार्टी हाईकमान से मुलाकात करेंगे और अपने हटाए जाने की असली वजह जानने की कोशिश करेंगे।
कर्नाटक सरकार में सहकारिता मंत्री राजन्ना को सोमवार को कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। माना जा रहा है कि 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के “वोट चोरी” वाले आरोप पर उनकी हालिया टिप्पणी के चलते उन पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा था कि कर्नाटक में मतदाता सूची कांग्रेस सरकार के दौरान तैयार हुई थी, तो फिर गड़बड़ी रोकने के लिए पार्टी ने कदम क्यों नहीं उठाए?
'मैंने जीवन में जो भी चाहा, वह हासिल किया, फिर बनूंगा मंत्री'
एक सवाल पर उन्होंने कहा, मैं इस सरकार के कार्यकाल में मंत्री पद जरूर लूंगा, इसमें शक क्यों है? मैंने जीवन में जो भी चाहा, वह हासिल किया है। यह (मंत्री पद) भी इसी कार्यकाल में हासिल करूंगा। एक सवाल के जवाब में, राजन्ना ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आलाकमान उनकी बात मान लेगा।
उन्होंने कहा, हो सकता है कि दिल्ली में कुछ लोग हों जो मेरे खिलाफ सुनियोजित तरीके से काम कर रहे हों। ऐसा नहीं है कि मुझे नहीं पता कि किसी को (राजनीतिक रूप से) सुनियोजित तरीके से कैसे खत्म किया जाए। मैं भी यह हुनर जानता हूं, लेकिन इस पर समय क्यों बर्बाद करूं? उसी समय का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए किया जा सकता है।
इस्तीफे के पीछे अदृश्य शक्ति!
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी बर्खास्तगी के पीछे कोई अदृश्य शक्ति थी? उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, बिना अदृश्य शक्ति के अचानक यह फैसला कैसे हो सकता है? मुख्यमंत्री को खुद भी नहीं पता था कि आलाकमान इस बारे में सोच रहा है। अपने घर से विधान सौधा जाते समय मुख्यमंत्री कुछ देर तक अकेले किसी से फोन पर बात करते देखे गए। कुछ चैनलों ने वीडियो दिखाए। मामला (बर्खास्तगी) का ही था। मुख्यमंत्री को तभी पता चला।
'मुझे अपनी बर्खास्तगी का सही कारण पता नहीं'
उन्होंने आगे कहा, सिद्धारमैया ने आलाकमान को समझाने की कोशिश की थी, लेकिन जब उन्होंने कहा कि फैसला हो गया है, तो मुख्यमंत्री ने मुझे स्थिति बताई। मैंने कहा, ठीक है। राजन्ना ने कहा कि उन्हें अभी भी अपनी बर्खास्तगी का सही कारण पता नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद, मैं दिल्ली जाऊँगा और वहाँ के नेताओं से मिलकर कारण जानने की कोशिश करूँगा। मुझे सत्ता जाने का कोई दुख नहीं है। राजनीति में ऐसे उतार-चढ़ाव मेरे लिए कोई नई बात नहीं है। जब तक जनता का समर्थन नहीं मिलता, मैं इसका सामना करूंगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या उनके बयान उनके लिए महँगे साबित हुए? इस पर राजन्ना ने कहा, मैंने किस बयान में किसी के बारे में बुरा कहा है? हो सकता है मैंने कुछ सच कहा हो। मैं दिल्ली जाकर कारण जानने की कोशिश करूंगा। देखूंगा कि वे क्या कहते हैं? हो सकता है किसी ने मेरे बयानों को आलाकमान के सामने तोड़-मरोड़कर पेश किया गया हो।
बी श्रीरामुलु जैसे भाजपा नेताओं द्वारा उन्हें अपनी पार्टी में आमंत्रित करने के बारे में पूछे जाने पर राजन्ना ने कहा कि हो सकता है कि उन्होंने मेरे प्रति सद्भावना से ऐसा कहा हो। कांग्रेस ने मुझे सब कुछ दिया है। राजनीति में उतार-चढ़ाव आते हैं। 2023 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद राजन्ना सिद्धारमैया मंत्रिमंडल से बाहर होने वाले दूसरे मंत्री हैं। पिछले साल बेल्लारी के विधायक बी नागेंद्र को कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में गबन के आरोपों के बाद इस्तीफा देना पड़ा था।