जेडीएस के पूर्व विधायक ने गुरुवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया है। 2018 में जेडीएस से जुड़े करीब 37 नेता अब कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। क्रॉस वॉटिंग के आरोपों में घिरे विधायक ने 27 मार्च को इस्तीफा दिया था।
ये है पूरा मामला
जेडीएस के अलावा भाजपा के भी दो एमएलसी पुत्तन्ना और बाबूराव चिंचनसुर ने मार्च की शुरुआत में इस्तीफा दिया था। वे भी कांग्रेस का दामन थामेंगे। पुट्टन्ना को कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में राजा जी नगर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा है। संभावना है कि कांग्रेस चिंचनसुर और श्रीनिवास को भी गुरमित्कल और गुब्बी से मैदान में उतार सकती है। चार बार के विधायक और पूर्व मंत्री श्रीनिवास और उनके समर्थकों को पार्टी में शामिल करते हुए कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि मैं लंबे समय से श्रीनिवास को कांग्रेस में लाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब वे पार्टी में शामिल हो गए हैं। इनके इस फैसले से कांग्रेस सिर्फ तुमकुरु ही नहीं पूरे पुराने मैसूर क्षेत्र में मजबूत होगी।
शिवकुमार ने दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनावों में जेडीएस से जुड़े लगभग 37 नेता अब तक पार्टी में शामिल हो चुके हैं। भाजपा के दो एमएलसी पुत्तन्ना और बाबूराव चिंचनसुर के अलावा कांग्रेस में शामिल होने की चाह रखने वाले नेताओं की सूची काफी लंबी है।
झूठे आरोप लगाकर पार्टी से निकाला
श्रीनिवास ने कहा कि वह कांग्रेस के साथ अपने और अपने पिता के पुराने जुड़ाव को याद करते हुए अपने अपने घर लौट रहे हैं। जेडीएस छोड़ने का मेरा कोई इरादा नहीं था, लेकिन मजबूर होना पड़ा। अक्टूबर 2021 में कुमारस्वामी ने मेरी सीट से जेडीएस के उम्मीदवार की घोषणा की, जबकि मैं अभी भी पार्टी में था। उन्होंने मेरे खिलाफ कुछ झूठे आरोप लगाए। जैसे 2019 के लोकसभा चुनावों में तुमकुरु से देवगौड़ा की हार के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराया। मैंने इस तरह की पार्टी विरोधी गतिविधि कभी नहीं की और ईमानदारी से पार्टी की सेवा की।
पूर्व सीएम सिद्धारमैया भी बोले
पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि जेडीएस में आपको एचडी देवेगौड़ा और एचडी कुमारस्वामी के अनुसार ही काम करना होगा। परिवार जो तय करता है, वही अंतिम होता है। वहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है। अगर कोई उनकी मर्जी के खिलाफ पार्टी में अपनी राय रखता है, तो वह पार्टी में नहीं रह सकता। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ और अब वासु के साथ भी। भाजपा के भ्रष्टाचार से राज्य को केवल कांग्रेस बचा सकती है। सिद्धारमैया ने कहा कि जेडीएस अपने दम पर सत्ता में नहीं आ सकती। कांग्रेस अकेले सत्ता में आ सकती है और इसे भाजपा से बचा सकती है।