बंगलूरू के जलाहल्ली इलाके में एक अपार्टमेंट से मंगलवार को करीब 10,000 मतदाता पहचान पत्र मिलने की घटना के सिलसिले में पुलिस ने कांग्रेस के मौजूदा विधायक और आरआर नगर उम्मीदवार एन मुनीरथना सहित 14 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। पुलिस ने ये कार्रवाई घटना की जांच कर रहे चुनाव उपायुक्त चंद्रभूषण कुमार की जांच खत्म होने और निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजे जाने के कई घंटों पहले कर ही दी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) संजीव कुमार ने गुरुवार को कहा, "निर्वाचन आयोग के पास कई रिपोर्ट विचाराधीन हैं... इस वक्त इस मुद्दे पर बात करना अनुचित होगा। लोगों को उचित समय पर ज्यादा स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।
मुनीरथना ने कहा, "मैंने निर्वाचन क्षेत्र में वोट मांगते हुए 40,000 पैम्फलेट बांटे हैं और आप उन्हें मेरे इलाके में हर घर में पाएंगे। मुझे 14वां आरोपी बनाया गया है। 14वां इसलिए क्योंकि ऐसा ही एक पैम्फलेट उस फ्लैट में पाया गया था जिस पर छापा मारा गया था। यह मेरे खिलाफ एक अपमानजनक शिकायत है और मुझे परेशान और अपमानित करने के लिए किए जा रहे सुनियोजित प्रचार अभियान का हिस्सा है।"
एफआईआर में नाम होने के बाद मुनीरथना की उम्मीदवारी के सवाल पर संजीव कुमार ने कहा कि महज एफआईआर में किसी व्यक्ति का नाम होने की वजह से उसे चुनाव लड़ने से नहीं रोक जा सकता है। उन्होंने कहा, "एफआईआर ना तो चार्जशीट होती है और ना ही यह दोषी साबित कर देती है। इसलिए, व्यक्ति की उम्मीदवारी पर कोई सवाल नहीं हैं।"
पुलिस का कहना है कि उन्होंने बीबीएमपी के एक अधिकारी की शिकायत के आधार पर बतौर आरोपी लोगों की सूची में अपार्टमेंट के मालिक मंजुला ननजामारी और अन्य लोगों का नाम दिया। उन्होंने चुनावी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की जांच के लिए एक दस्ते का नेतृत्व किया और परिसर पर छापा मारा था।